November 2, 2026 11:16 pm

महाराष्ट्र में खुले दूध की बिक्री पर FDA का बड़ा फैसला, अब सिर्फ सीलबंद पैक दूध ही बिकेगा

रिपोर्टर योगेश यादव पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

 

 

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्यभर में खुले (Loose) दूध की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब महाराष्ट्र में केवल सीलबंद और लेबलयुक्त पैकेट वाला दूध ही बेचा जा सकेगा। FDA का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इस फैसले के बाद मुंबई, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) समेत पूरे महाराष्ट्र में हजारों पारंपरिक दूध विक्रेता प्रभावित हुए हैं। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, जबकि दूध कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों, कर्मचारियों, मिठाई की दुकानों, चाय विक्रेताओं और आइसक्रीम पार्लरों पर भी इसका व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

पारंपरिक “दूधवाले” होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

दशकों से घर-घर जाकर ताजा दूध पहुंचाने वाले पारंपरिक दूधवाले अब पहले की तरह खुले दूध की आपूर्ति नहीं कर पाएंगे। इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है।

चेंबूर के दूध विक्रेता राजमणि पाल ने कहा, “मैंने अपनी दुकान बंद कर दी है। अब मेरे यहां काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। मेरी तरह सैकड़ों दुकानों पर ताले लग गए हैं। खुले दूध की बिक्री करने पर ₹3 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, इसलिए कारोबार जारी रखना संभव नहीं है।”

FDA ने क्यों लिया यह फैसला?

FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि विभाग की जांच के दौरान डेयरी सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां सामने आई हैं।

आदेश के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के राष्ट्रीय दूध सुरक्षा एवं गुणवत्ता सर्वेक्षण में कई नमूनों में अफ्लाटॉक्सिन M1 (दूषित पशु चारे से उत्पन्न होने वाला हानिकारक तत्व) और एंटीबायोटिक अवशेष पाए गए हैं। FDA का कहना है कि ऐसे तत्व लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

FDA ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खुले दूध की बिक्री जारी रखने पर ₹3 लाख तक का जुर्माना और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

व्यापारियों ने जताई नाराजगी

दूध व्यापारियों का कहना है कि अचानक लागू किए गए इस फैसले से हजारों छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि सरकार को प्रतिबंध लागू करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और पर्याप्त समय देना चाहिए था।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

अब महाराष्ट्र के उपभोक्ताओं को केवल सीलबंद और लेबलयुक्त पैकेट वाला दूध ही खरीदना होगा। FDA का दावा है कि इससे दूध की गुणवत्ता बेहतर होगी, मिलावट पर रोक लगेगी और लोगों को सुरक्षित दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर, छोटे व्यापारियों का मानना है कि इस फैसले से पारंपरिक दूध व्यवसाय पर गहरा असर पड़ेगा और हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें