रिपोर्टर योगेश यादव पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
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मुंबई/खोपोली: महाराष्ट्र के खोपोली स्थित प्रसिद्ध ज़ेनिथ वॉटरफॉल में शनिवार को अचानक हुई मूसलाधार बारिश के कारण करीब 80 पर्यटक फंस गए। भारी वर्षा के चलते झरने का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और ओवरफ्लो जैसी स्थिति बन गई, जिससे पर्यटकों के वापस लौटने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार, मुंबई सेंट्रल, चेंबूर और घाटकोपर से आए पर्यटक शनिवार सुबह करीब 7 बजे ज़ेनिथ वॉटरफॉल पहुंचे थे। उस समय मौसम सामान्य था और बारिश नहीं हो रही थी, इसलिए सभी पर्यटक बिना किसी आशंका के वॉटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश कर गए। लेकिन सुबह करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से पानी का बहाव तेजी से बढ़ा और कुछ ही देर में झरने का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। तेज बहाव और जलभराव के कारण पर्यटकों के बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन के अनुसार, पर्यटक दो अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। एक समूह वॉटरफॉल के अंदर लगभग 500 मीटर की दूरी पर था, जबकि दूसरा समूह प्रवेश द्वार से करीब एक किलोमीटर दूर फंस गया। दोनों स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि सुरक्षित निकासी संभव नहीं हो पा रही थी।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। लगातार बारिश और दुर्गम पहाड़ी इलाके के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने पूरी सतर्कता और संयम के साथ पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया।
प्रशासन ने बताया कि पहाड़ी और जलप्रपात वाले क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम का अपडेट अवश्य देखना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
घटना के बाद प्रशासन ने ज़ेनिथ वॉटरफॉल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, एहतियात के तौर पर प्रवेश और निकास पर अस्थायी नियंत्रण भी कड़ा किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सभी पर्यटकों की सुरक्षित निकासी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर मौसम की अनिश्चितता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर जाने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।











