November 2, 2026 11:29 pm

अब सचिवालयों में बैठेंगे लेखपाल, वाद का होगा निस्तारण.

रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।

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ग्रामीणों को राजस्व सेवाएं ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।राजस्व सेवाओं की नई व्यवस्था

राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए एक जुलाई से ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित बैठकी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।इसको लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की तरफ से जनपद के सभी लेखपालों को सचिवालयों में बैठने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

 

जनपद में इस व्यवस्था का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा। जिले में करीब 275 लेखपाल तैनात हैं, जो 621 ग्राम पंचायतों के राजस्व कार्यों का दायित्व निभाते हैं। इनमें 599 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन बन चुके हैं, जबकि 22 ग्राम पंचायतों में सचिवालय का संचालन सामुदायिक भवन अथवा किराये के भवनों से किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी ग्राम सचिवालयों में रोस्टर के अनुसार लेखपाल बैठेंगे और ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि ग्राम सचिवालयों के माध्यम से पंचायत सहायकों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। इनमें राजस्व विभाग की जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं, जिनके निस्तारण में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लेखपाल केवल प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्य ही नहीं करते, बल्कि वरासत, पैमाइश, किसान सम्माननिधि, प्राकृतिक आपदा सर्वेक्षण, फसल क्षति, कृषि गणना, जनगणना, धारा-34 एवं धारा-67 के प्रकरण, अवैध कब्जों की जांच, नजूल भूमि सत्यापन, खनन, राशन वितरण सत्यापन तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं राजस्व कार्यों का भी निष्पादन करते हैं। विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उनकी रिपोर्ट आवश्यक होती है। परिषद ने माना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपालों के बैठने की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण आमजन को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। उन्होंने उनकी उपस्थिति का रोस्टर तैयार कराने जाए और एक जुलाई से इसका प्रभावी अनुपालन कराने को कहा है।

 

ग्रामीणों को लाभ

 

ग्राम सचिवालय में बैठने से होंगे ये प्रमुख लाभ

 

ग्रामीणों को जाति, आय, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र एवं खतौनी संबंधी कार्यों के लिए तहसील के कम चक्कर लगाने पड़ेंगे। राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवाओं कानिस्तारण ग्राम स्तर पर तेजी से हो सकेगा। वरासत, पैमाइश, आपदा सर्वे, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा समेत अन्य मामलों का निस्तारण समयबद्ध होगा।

 

जिले की स्थिति

 

कुल ग्राम पंचायतें : 621

 

जिले में तैनात लेखपाल : करीब 275

 

ग्राम सचिवालय भवन : 599

 

सामुदायिक भवन/किराये के भवन से संचालित सचिवालय : 22

 

कोट…

 

जनपद के सभी लेखपालों को सचिवालयों में बैठने का निर्देश जारी कर दिया गया है। लेखपालों के नियमित बैठक करने से राजस्व से संबंधित वादों का गांवों में ही निस्तारण होगा। इससे ग्रामीणों को तहसील व जिला मुख्यालय पर दौड़ लगाने से छुटकारा मिलेगा।

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