रेवाड़ी, 23 दिसंबर चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिला बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन एवं डीसी अभिषेक मीणा ने कहा है कि जिला में कोई भी बच्चा बेसहारा हो तो उस तक जिला प्रशासन की पुनर्वास सहायता तुरंत प्रभाव से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण समिति को शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय, पंचायत आदि विभागों के साथ समन्वय बना कर रखना चाहिए। डीसी अभिषेक मीणा ने आज जिला के सरकारी बाल गृह आस्था कुंज का निरीक्षण कर रहे थे। सिविल हॉस्पिटल के समीप स्थित आस्था कुंज में उन्होंने बच्चों के रहने, भोजन, उनकी सुरक्षा, चिकित्सा व पढ़ाई आदि की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आस्था कुंज में साफ-सफाई और पौष्टिक आहार का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनको चित्रकारी, संगीत, नृत्य आदि विधा भी सिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण समिति का दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए इनकी हर तीन माह में नियमित रूप से बैठक होनी चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए। किसी बच्चे को पढ़ाई या तकनीकी प्रशिक्षण में मदद की आवश्यकता हो तो जिला प्रशासन की ओर से उसकी पूरी सहायता की जाएगी।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि रेवाड़ी के अलावा बावल, कोसली तथा धारूहेड़ा में भी बाल भवन के केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिससे कि जिला में कहीं भी कोई बच्चा बेसहारा हो तो उस तक प्रशासन की मदद जल्दी पहुंचाई जा सके।
जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने डीसी को बताया कि इस समय आस्था कुंज में 16 बच्चे रह रहे हैं। जिनमें से पांच बच्चों को आरपीएस हसाका तथा 11 बच्चों को महाराजा अग्रसेन विद्यालय में पढ़ाया जा रहा है। बच्चों को गोद लेने के लिए बनाई गई स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी के पास दो छोटे बच्चे हैं। जिनमें से एक बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दूसरे की जारी है।
इस अवसर पर जिला बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन श्रुति शर्मा, सदस्य बलजीत यादव, एडवोकेट अमरजीत, कुसुम शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका यादव, प्रोबेशन ऑफिसर अजमेर सिंह गोदारा, सरस्वती, अधीक्षक मुग्धा यादव, कौंसलर सुभाष, डा. अभिषेक, धर्मवीर आदि मौजूद रहे। समिति के पदाधिकारियों ने डीसी के निरीक्षण उपरांत बावल ओपन शेल्टर सेंटर का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं तथा आवश्यकताओं का अवलोकन किया।











