रेवाड़ी 14 जनवरी ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
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स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि हरियाणा में कांग्रेस पर गुटबाजी व आपसी कलह का आरोप लगाने वाली भाजपा में अहीरवाल में नये साल में जो वर्चस्व का घमासान मचा हुआ है, वैसी कथित गुटबाजी कांग्रेस में न तो है और न ही भाजपा की तरह एक-दूसरे के खिलाफ प्रैसवार्ता करके सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप लगाये जाते है।
विद्रोही ने कहा कि अहीरवाल में अहीर बाहुल्य तीनों जिले गुरूग्राम, रेवाडी व महेन्द्रगढ़ में भाजपा में घमासान चरम पर है। जनसभाओं, साक्षात्कार व प्रैसवार्ता करके भाजपा नेता व केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह, हरियाणा भाजपा सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह, पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव व उनके समर्थक खुलकर न केवल गुटबाजी कर रहे है अपितु सार्वजनिक आरोप लगाकर एक-दूसरे को नीचा भी दिखा रहे है। साथ में उनके समर्थक भी मैदान में कूदकर प्रैसवार्ता करके इन आरोप-प्रत्यारोपों को आगे बढाकर अपने विरोधी नेता की खुलेआम आलोचना कर रहे है। अपने को अनुशासित यव पार्टी विद डिफरेंस कहने वाली भाजपा में अहीरवाल के तीनों जिलों में जो सिर फुटवैल हो रही है, वह न केवल भाजपा के कथित अनुशासन को बेनकाब कर रहा है अपितु भविष्य में भाजपा के बिखराव का रास्ता भी तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कमजोरी व गलत रणनीति के कारण बेशक भाजपा लगातार तीन बार हरियाणा की सत्ता पर काबिज होने में सफल हो गई, लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा का सत्ता रूपी महल अवसरवादी, दबदबलु कांग्रेसियों के रहमो-करम पर टिका है। भाजपा के हरियाणा से निर्वाचित पांच लोकसभा सांसदों में तीन कांग्रेसी है जिनका भाजपा-संघ की विचारधारा से न तो कल कोई लेना-देना था और न आज है। वे केवल सत्ता के चलते भाजपा से चिपके हुए है। वहीं भाजपा के हरियाणा के 48 विधायकों में से 25 से ज्यादा ऐसे कांग्रेसी व लोकदलीय दलबदलु है जिनका भाजपा की विचारधारा से कोई संबंध नही रहा और वे भी राजनीतिक परिस्थितियां बदलते ही भाजपा-संघ को आंख दिखाने में क्षणभर की देरी नही करेंगे।
विद्रोही ने कहा कि अहीरवाल में राव इन्द्रजीत सिंह एक तरफ है और दूसरी ओर राव विरोधी राव नरबीर सिंह, अभय सिंह यादव भाजपा में एकजुट होकर अहीरवाल में किसका वर्चस्व रहेगा, इस पर आर-पार की लडाई लड रहे है। अहीरवाल से शुरू हुई भाजपा में सत्ता का अंतिम संघर्ष पूरे हरियाणा में फैलना तय है। फरीदाबाद व पलवल में भी भाजपा का अंदरूनी संघर्ष सार्वजनिक हो चुका है और अब देर-सवेर यह संघर्ष चरखी दादरी, भिवानी व हिसार जिले में भी अपना रंग दिखायेगा।
विद्रोही ने कहा कि यदि हरियाणा में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओ ने अपनी निजी महत्वकांक्षा तांक पर रखकर एकजुट होकर सही रणनीति से काम करना शुरू किया तो तिनकों की तरह भाजपा का महल ढहने में अधिक समय नही लगेगा। हरियाणा में भाजपा का ताश रूपी सत्ता का महल बिखरेग या नही, यह कांग्रेस की रणनीति व उसके नेताओं के आचरण पर भी निर्भर करता है।











