धारूहेंडा 25 फरवरी चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
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धारूहेड़ा नन्दरामपूर बास रोड व सोहना रोड के नाले की दो साल से सफाई नहीं हुई है l नाला कीचड़ व गंदगी से भरा हुआ है l कस्बा के लोगों ने शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल को पत्र लिखकर जांच की मांग की है कि नपा ने काग़जों में इस नाले को कितनी बार साफ़ कराके बिल पास किए हैं l उन्होंने बताया कि नाले की फिजीकल सत्यापन करवाया जाए आखिर क्यों नहीं होती नाले की सफाई नपा द्वारा धारूहेंडा
शहर को स्वच्छ रखने व गदंगी मुक्त करने अभियान केवल मीडिया फोटो इंवेट है l धारूहेंडा शहर स्वच्छ हो जायेगा, इस पर पूरे प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
उपायुक्त व जिला के अन्य अधिकारियों ने अपनी आंखो से देखा है कि स्वच्छता व मानसून पूर्व सफाई के नाम पर धारूहेंडा शहर में क्या खेल चल रहा है नगर पालिक , जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिन मौहल्लों, नाले, नालियों, सीवरों व पानी निकासी मार्गो की कागजों में सफाई दिखा रखी थी, मौके पर वे न केवल गदंगी से अटे मिले है अपितु उनकी दुर्दशा चीख-चीखकरा कह रही है कि सालों से इनकी न तो सफाई हुई है और न ही नाले, नालिया, सीवरों से कीचड़ निकाला गया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कथित सफाई कागजों में है, जमीन पर कुछ नही है।
धारूहेंडा शहर को प्रदेश सरकार व स्थानीय संसाधनों को मिलाकर कुल कितना पैसा कहां-कहां खर्च हुआ और जिन स्थानों पर कथित सफाई हुई है, वे सभी मौके पर गदंगी से अटे क्यों पडे है सफाई का यह पैसा किनकी जेब में गया और सफाई के नाम पर जो भ्रष्टाचार व लूट हुई है, उसकी जवाबदेही किसकी है l शहर में जगह-जगह जो गदंगी के ढेर है, क्या वे जिला उपायुक्त सहित बड़े अधिकारियों को दिखते नही? क्या वास्तव में उच्च अधिकारी अपने वातानुकूलित दफ्तरों, घरों व कार से उतरकर आमजनों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते व जानने की कोशिश करते है? नागरिकों में सफाई के लिए जागरूकता लाना तो ठीक है, लेकिन क्या सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किये बिना संभव है। प्रशासन जब तक इन तीखे सवालों को समझकर जानकर इनका पुख्ता व स्थाई समाधान नही करेगा, तब तक शहर न तो स्वच्छ रह सकता है और न ही नागरिकों को इस गदंगी से स्थाई मुक्ति मिल सकती है। बास रोड, सोहना रोड के सफाई के ठेके जरूर किए लेकिन नाले साफ़ नहीं हुए हैं l खुद शहरी विकास मंत्री विपुल गोयल 8 माह पूर्व जन परिवेदना बैठक में नालों की सफाई कह कर गए थे l नपा ने मंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया l नाले कीचड़ से आज भी भरे हुए हैं l नपा में लगे 132 सफाई कर्मचारियों की संख्या केवल कागज पर है धरातल पर नहीं आखिर क्यों नहीं हो रहीं सफाई l











