रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस ने संगठित मानव तस्करी के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने एक किशोरी को काम दिलाने का झांसा दिया। उसे आगरा व अलीगढ़ ले जाकर 1.20 लाख रुपये में बेच दिया।वहां कई व्यक्तियों के पास किशोरी को रखा गया। उसका शारीरिक शोषण हुआ जिससे वह गर्भवती हो गई। पुलिस किशोरी को बरामद कर साथ ले आई। इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
राबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि राबर्ट्सगंज कोतवाली में क्षेत्र के एक महिला ने छह मार्च को तहरीर दिया कि करीब तीन माह पूर्व उसकी नाबालिग पुत्री को मानव तस्करी गिरोह ने एक लाख 20 हजार रुपये लेकर आगरा व अलीगढ़ ले जाकर बेच दिया है। इस तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के पाड़र धंधरौल बांध निवासी बिंदु देवी व उसके पिता सहिजन कला गांव निवासी हीरामन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। फिर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।
जांच में पता चला कि किशोरी को काम दिलाने के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया गया है। इस पर पुलिस ने जांच कर किशोरी को बरामद किया। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया तो वह गर्भवती पाई गई। उसके बयान के बाद धारा में बढ़ोत्तरी की गई और पांच अन्य लोगों के नाम मुकदमा हुआ। अब उसे बेचने के आरोप में पुलिस ने रविवार की रात क्षेत्र के पवर गांव के पास से आरोपित पाड़र गांव की बिंदु और गेंगुआर गांव निवासी सोनी को गिरफ्तार कर लिया।प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि उन्होंने किशोरी को काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर विभिन्न जनपदों के माध्यम से आगरा एवं अलीगढ़ ले जाकर लगभग एक लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया था। वहां पीड़िता को विभिन्न व्यक्तियों के पास रखा गया, जहां उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई। जांच में यह भी प्रकाश में आया कि यह कृत्य एक संगठित गिरोह ने किया है। इसमें पांच और लोगों के नाम सामने आए हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
गर्भवती किशोरी के गर्भपात के बारे में न्यायालय से होगा निर्णय
काम के बहाने बेची गई किशोरी को गर्भ ठहरने के मामले में अब पुलिस ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल गर्भवती किशोरी चिकित्सकों से सलाह ले रही है लेकिन उसका गर्भापात कराया जाएगा या फिर नहीं इसको लेकर निर्णय न्यायालय लेगा। न्यायालय के आदेश के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में न्यायालय के समक्ष वाद प्रस्तुत किया गया है।











