तहसील संवाददाता अजीत कुमार सिंह
बैरिया (बलिया)। मुरली छपरा ब्लॉक स्थित सोनबरसा ग्राम पंचायत में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और व्यापक अनियमितताओं के आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति निर्धारित समय-सीमा में पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
रिट सिविल संख्या 38366/2025 पवन कुमार यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत में उठाए गए गंभीर आरोपों की जांच लंबित नहीं रहनी चाहिए और प्रशासन को इसमें तेजी लानी होगी।
*जांच में प्रगति न होने पर याची की शिकायत*:-
याची की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत सचिव (प्रतिवादी संख्या-7) और ग्राम प्रधान (प्रतिवादी संख्या-8) के खिलाफ 31 मार्च 2025 को तीन सदस्यीय समिति गठित तो कर दी गई थी, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ सकी है।
*पहली याचिका पर प्रतिवादी की आपत्ति*:-
प्रतिवादी संख्या-8 की ओर से अधिवक्ता बी.बी. राय ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि याची इसी विषय पर पूर्व में रिट संख्या 12828/2025 दाखिल कर चुके हैं, जिसे 28 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया गया था। हालाँकि, रिकॉर्ड देखने के बाद न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पिछली याचिका में याची ने मात्र अपनी प्रतिनिधि पत्र (दिनांक 21 फरवरी 2025) के निस्तारण की मांग की थी। वहीं वर्तमान याचिका तीन सदस्यीय समिति द्वारा लंबित जांच को पूर्ण कराने से संबंधित है। इस प्रकार दोनों याचिकाएँ अलग-अलग विषयों पर आधारित हैं और वर्तमान याचिका सुनवाई योग्य है।
*दो माह में जांच पूरी करने का सख्त निर्देश*:-
अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट बलिया द्वारा गठित समिति को आदेश दिया कि वह सभी संबंधित पक्षों को सुनते हुए, आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से अगले दो माह के भीतर जांच पूरी करे और रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इन निर्देशों के साथ न्यायालय ने याचिका का निस्तारण कर दिया।











