रेवाड़ी 26 अगस्त ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
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कोरोना काल के दौरान नशा तस्करी करने वाले दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंकिता शर्मा की अदालत ने पांच-पांच साल कैद और 50-50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
कोरोना काल के दौरान दस अप्रैल 2020 को ग्रामीणों द्वारा गांव जडथल की ढाणी मैं ठीकरी पहरा दिया जा रहा था। मुख्य मार्ग पर लगे ठीकरी पहरे को देखकर मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने भागने का प्रयास किया था। दोनों युवकों को नई रेलवे लाइन के पास मोटरसाइकिल सहित रोक लिया गया।
सूचना के आधार पर थाना कसौला पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को काबू कर उनकी पहचान अजीत सिंह निवासी बधराणा तथा कमलजीत निवासी बालावास जाट के रूप में हुई। डीएसपी बावल जयसिंह की निगरानी में बैग की तलाशी लेने पर उसमें तीन पैकेटों में प्लास्टिक पैकिंग के साथ गांजा पत्ती बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर वजन कराया तो तीनों पैकेटों में गांजा पत्ती का कुल वजन 12 किलो 320 ग्राम पाया गया था। पुलिस ने अवैध नशीला पदार्थ गांजा व वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल को कब्जे में ले लिया था। आरोपी के खिलाफ कसौला थाना में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जो जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंकित शर्मा की अदालत ने मामले में संलिप्त दोनों आरोपियों अजीत सिंह व कमलजीत को दोषी करार दिया। अदालत में दोनों दोषियों को पांच-पांच साल कैद और 50-50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।











