रेवाड़ी 21 फरवरी चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
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थाना माडल टाऊन पुलिस द्वारा की गई उत्कृष्ट पैरवी पर एक नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने के मामले में लोकेश गुप्ता अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट द्वारा मामले में संलिप्त एक आरोपी अमित कुमार निवासी गांव सरोजा जिला बेगूसराय बिहार को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व 30 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 20 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना माडल टाऊन क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 27 मई 2022 की रात को उनका पूरा परिवार घर पर सोया हुआ था। देर रात करीब 2 बजे उनकी आंख खुली तो उन्होंने देखा कि उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी बिस्तर पर नहीं थी। इसके बाद उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उनकी लड़की का कहीं पता नहीं चला। उन्हें शक है की मूल रूप से बिहार का रहने वाला अमित कुमार उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया था।बरामदगी के बाद दिए बयान में नाबालिग ने आरोपी अमित कुमार पर बहला फुसला कर ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले में पोक्सो एक्ट की धारा ईजाद करके मामले में संलिप्त सभी आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे लोकेश गुप्ता ने आरोपी अमित कुमार दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद और 30 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 20 महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।











