मनोज कुमार (जहानाबाद )
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत कृषि भवन में रबी फसल के अनुदानित दर पर बीज वितरण में आपाधापी मची है। आपाधापी का मुख्य कारण बीजों का अनुदानित दर पर मिलना तथा वितरण की प्रक्रिया है।वितरण की प्रक्रिया के संबंध में किसानों ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसान हो या मजदूर हो,चाहे भूमिहीन ही क्यों न हो ओनलाइन कर बीज खरीद रहा है तथा स्थानीय बाजार में बेच दिया जा रहा है या फिर बीज के बदले खाने के उपयोग में ला रहा है।लाट गांव निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था में सही मायने में जो किसान हैं और जो बीज के रुप में उपयोग करना चाहते हैं वे वंचित हो जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो किसान बीज के लिए खरीदना चाहते हैं उन्हें आठ किलो तथा जो भूमिहीन हैं उन्हें पैंतीस किलो तक मसूर का बीज दिया जा रहा है। मिर्जापुर गांव निवासी किसान सुबोध कुमार ने बताया कि एक-एक घर में तीन तीन पौकेट चना गया है और मंसूर के लिए वही घरों के लोग फिर चक्कर लगा रहे हैं और वे भी जा रहे हैं।
इस संबंध में कृषि पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि अगर ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि दलहन उत्पादन के लिए बेहतर प्रभेद का बीज किसानों तक पहुंचे तथा दलहन उत्पादन बढे इसको लेकर किसानों को अनुदानित दर पर चना एवं मंसूर का बीज मिलना है।आवंटन के हिसाब से वैसे किसान जिन्हें चना मिलना है उन्हें मंसूर नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अधिकतम किसानों को आच्छादित करना है।











