रिपोर्टर: योगेश यादव | पीएनपी न्यूज़ महाराष्ट्र
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नालासोपारा/विरार: विरार पश्चिम स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा समय पर उचित देखभाल नहीं किए जाने के कारण गर्भवती महिला की डिलीवरी खड़े-खड़े हो गई, जिससे नवजात शिशु लगभग ढाई से तीन फीट की ऊंचाई से सीधे फर्श पर गिर पड़ा। इस हादसे में शिशु के सिर में गंभीर चोट आने का दावा किया गया है। घटना के बाद नवजात को तत्काल ठाणे के एक विशेष नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर विरार पश्चिम स्थित डॉ. जोगळेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि महिला बार-बार अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को यह बता रही थी कि प्रसव किसी भी समय हो सकता है, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि समय पर डॉक्टरों की निगरानी और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
परिजनों का दावा है कि इसी लापरवाही के चलते महिला की डिलीवरी अचानक खड़े-खड़े हो गई और नवजात शिशु सीधे जमीन पर गिर गया। गिरने से शिशु के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। प्राथमिक उपचार के बाद नवजात को बेहतर इलाज के लिए तत्काल ठाणे के विशेष एनआईसीयू में रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। उनका आरोप है कि यदि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर सतर्कता बरतते और प्रसव प्रक्रिया की उचित निगरानी करते, तो इस तरह की गंभीर घटना टाली जा सकती थी। परिजनों ने संबंधित अस्पताल, डॉक्टरों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए डॉ. जोगळेकर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
फिलहाल घटना की आधिकारिक जांच शुरू होने का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।











