Chief in editor pnp news/ Nilesh Verma
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मधुबनी (बिहार)। मधुबनी जिले के हैजा थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला द्वारा पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, मामले की प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों के बयान वायरल वीडियो के दावों पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार डायल-112 पुलिस टीम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थी। सूचना एक नाबालिग लड़की से जुड़े प्रेम प्रसंग के मामले की थी, जिस पर पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस का उद्देश्य कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करना था, लेकिन मौके पर मौजूद महिला शकुंतला देवी ने कथित रूप से अपने बेटे और लड़की को पिछले दरवाजे से भगाने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस ने किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की और न ही बल प्रयोग किया। उनका कहना है कि महिला को लगी चोट पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि भागदौड़ के दौरान दीवार से टकराने के कारण आई। इसके बावजूद पुलिस पर झूठे आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर भ्रामक माहौल बनाने की कोशिश की गई।
यदि किसी सरकारी कर्मचारी, विशेषकर पुलिस बल पर बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगाकर उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जाता है, तो यह न केवल कानून के प्रति अविश्वास पैदा करता है, बल्कि वास्तविक पीड़ितों के मामलों को भी कमजोर करता है। वहीं, यदि जांच में पुलिस की कोई लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। सत्य क्या है, इसका अंतिम निर्णय निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। तथ्यों की पुष्टि से पहले सोशल मीडिया पर भ्रामक और एकतरफा जानकारी प्रसारित करना समाज और कानून व्यवस्था—दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।











