November 2, 2026 8:50 pm

बलिया समाचार: सरयू के कटान से दहशत और आक्रोश, इस साल करीब 30 घर नदी में समाए

रिपोर्ट: अजीत कुमार सिंह बिट्टू, ब्यूरो चीफ, पीएनपी न्यूज़, बलिया

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बैरिया (बलिया)। बैरिया तहसील क्षेत्र के दियारांचल में सरयू नदी का लगातार जारी कटान ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गया है। नदी की तेज धारा लगातार खेतों और आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2026 में अब तक करीब 30 घर सरयू नदी की धारा में समाहित हो चुके हैं। कटान के कारण कई परिवारों के सामने अपना आशियाना और जमीन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

रविवार शाम राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर, शिवाल मठिया एवं वशिष्ठ नगर पहुंचकर कटान पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सरयू नदी के कटान से हुए नुकसान की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि हर वर्ष बाढ़ और कटान के दौरान उनकी जमीन और मकान नदी की धारा की जद में आ जाते हैं। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

कटान पीड़ितों ने सांसद से कहा कि अब उन्हें केवल अस्थायी राहत की नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है, जिससे आने वाले वर्षों में सरयू नदी की धारा से गांव और आबादी सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों ने रिंग बांध निर्माण सहित कटानरोधी स्थायी उपाय किए जाने की मांग रखी।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद नीरज शेखर ने मौके से ही संबंधित उच्च अधिकारियों से वार्ता की और कटान पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दियारांचल को सरयू नदी के कटान से बचाने के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए अधिकारियों को करीब 24 किलोमीटर लंबे रिंग बांध का प्राक्कलन तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सांसद की इस पहल से कटान प्रभावित ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रस्तावित रिंग बांध का निर्माण समय से कराया जाता है तो दियारांचल के लोगों को वर्षों से चली आ रही कटान की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि सरयू की धारा हर साल नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रही है। खेती योग्य भूमि के साथ-साथ आबादी पर भी खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस वर्ष अब तक करीब 30 मकान नदी में समा चुके हैं। कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कटान के चलते किसानों की उपजाऊ जमीन भी लगातार नदी में विलीन हो रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि रिंग बांध के प्रस्ताव को जल्द से जल्द आगे बढ़ाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए तथा तब तक कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इस दौरान अरविंद सिंह सिंगर, ओम प्रकाश सिंह, प्रदीप यादव, प्रधान अर्जुन यादव, प्रधान जयप्रकाश साहू एवं विजय बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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