रिपोर्ट: अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी, ब्यूरो चीफ PNP न्यूज़ बलिया
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बलिया। हल्दी थाना क्षेत्र के दोपही गांव में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को कथित रूप से सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कराने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (BDO), तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव प्रमोद कुमार और तत्कालीन ग्राम प्रधान मारिया गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले के सामने आने के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गांव निवासी विष्णु दयाल दूबे ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें वर्ष 2023 तक नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। इसके बाद अचानक उनकी पेंशन बंद हो गई। जब उन्होंने इसकी जानकारी करने का प्रयास किया तो कथित तौर पर पता चला कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। बुजुर्ग ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत की।
विष्णु दयाल दूबे ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के चुनाव के दौरान उन्होंने दूसरे प्रत्याशी का समर्थन किया था। इसी को लेकर उनकी ग्राम प्रधान से कथित रूप से रंजिश हो गई थी। उनका आरोप है कि इसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते उन्हें सरकारी कागजात में मृत दिखाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद कराई गई।
शिकायतकर्ता ने गांव के ही भृगुनाथ चौबे और कविलाश यादव को भी इसी तरह सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाए जाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद हल्दी पुलिस ने तत्कालीन BDO, ग्राम पंचायत सचिव प्रमोद कुमार और तत्कालीन ग्राम प्रधान मारिया गुप्ता के खिलाफ BNS की धारा 261 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
क्षेत्राधिकारी बैरिया आलोक गुप्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सरकारी अभिलेखों, पेंशन संबंधी दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बुजुर्ग को अभिलेखों में मृत दर्ज करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किसकी भूमिका रही।











