रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ PNP न्यूज़ बलिया
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सहतवार बलिया। आरक्षण आज नौकरी और शिक्षा में सबसे बड़ी बाधा बन चुका है। जिस उद्देश्य के लिए इसे लागू किया गया था, वह उद्देश्य आज खत्म हो चुका है, लेकिन इसका दुष्परिणाम पूरा देश भुगत रहा है।
आज स्थिति यह है कि पढ़ा-लिखा, मेहनती और योग्य युवा डिग्री लेकर सड़कों पर घूम रहा है, बेरोजगार है, निराश है। वह दिन-रात पढ़ाई करता है, 90% नंबर लाता है, फिर भी नौकरी से वंचित रह जाता है। वहीं दूसरी तरफ क से ज्ञ तक ठीक से न पढ़ पाने वाला, केवल आरक्षण के सहारे शिक्षक बन रहा है, डॉक्टर बन रहा है, अधिकारी बन रहा है।
जब ऐसा शिक्षक स्कूल में जाएगा तो वह हमारी अगली पीढ़ी को क्या पढ़ाएगा? जब ऐसा डॉक्टर अस्पताल में होगा तो इलाज क्या करेगा? इससे युवा पीढ़ी अनपढ़ और कमजोर ही बनेगी, और देश का भविष्य अंधकार में जाएगा।
सरकारी नौकरी में योग्यता ही एकमात्र पैमाना होना चाहिए। नौकरी उसे मिलनी चाहिए जो सबसे काबिल हो, जिसने सबसे ज्यादा मेहनत की हो, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो। आरक्षण प्रतिभा का अपमान है।
इसलिए सरकार से मांग है कि किसी भी सरकारी नौकरी, शिक्षा और पदोन्नति में आरक्षण को पूरी तरह खत्म किया जाए। सबको समान अवसर दिया जाए, और चयन केवल मेरिट के आधार पर हो। तभी शिक्षित युवा को उसका हक मिलेगा और भारत सच में विश्वगुरु और विकसित देश बन पाएगा।











