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#बलिया। संपादक पी एन पी न्यूज नीलेश वर्मा
#बलिया, रेवती। जहां एक ओर देश आज़ादी के जश्न में डूबा है, वहीं बलिया के बैरिया क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी फहीम कुरैशी ने अपने कर्तव्य और देशप्रेम से एक नई मिसाल पेश की है। रेवती थाना परिसर से निकली भव्य तिरंगा यात्रा ने न केवल शहर की सड़कों को देशभक्ति से भर दिया, बल्कि लोगों के दिलों को भी जोड़ने का काम किया।
CO फहीम कुरैशी, हाथ में तिरंगा लिए, पूरे जोश और गर्व के साथ आगे-आगे चल रहे थे। उनके साथ थानाध्यक्ष दोकटी हरिशंकर सिंह, रेवती थाना के लोकप्रिय एसएसआई प्रभाकर शुक्ला, एसआई अवनीश त्रिपाठी, आशुतोष मद्देशिया सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। यात्रा रेवती थाना से शुरू होकर बस स्टैंड और शराबी मोड़ तक पूरे सम्मान और ऊर्जा के साथ निकाली गई।
लेकिन इस यात्रा में जो सबसे खास बात रही — वो थी एक मुस्लिम अधिकारी का तिरंगा लिए “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ सबसे आगे चलना। यह दृश्य देखकर राह चलते लोग ठिठक गए। किसी ने आंखों में गर्व के आंसू लिए सेल्यूट किया, तो किसी ने कहा – “आज सच में लगा कि ये देश एक परिवार है।”
#स्थानीय निवासी रामनारायण चौधरी ने कहा,
“हमने बहुत कुछ सुना था – कि मुस्लिम लोग तिरंगा नहीं उठाते, ‘वंदे मातरम्’ नहीं बोलते… लेकिन आज फहीम साहब ने वो सब मिथक तोड़ डाला। आज उन्होंने हर मजहब, हर सोच को एक आईना दिखा दिया।”
इस तिरंगा यात्रा ने धर्म की दीवारों को तोड़ते हुए एक नया संदेश दिया – कि देशप्रेम का कोई मजहब नहीं होता। देश के लिए धड़कता दिल न हिन्दू होता है, न मुस्लिम – वो बस “भारतीय” होता है।
आज जब कुछ लोग धर्म के नाम पर समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं, ऐसे में फहीम कुरैशी जैसे अधिकारी उस नफ़रत पर करारा तमाचा हैं। उनका यह कदम सिर्फ एक यात्रा नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था – उन सभी के लिए जो मजहब के नाम पर देश को बांटना चाहते हैं।
“देश पहले है – और हमेशा रहेगा”
CO फहीम कुरैशी ने बिना एक शब्द कहे, सिर्फ तिरंगा थामकर जो बात कह दी – वो शायद कोई भाषण नहीं कह सकता। देशभक्ति किसी एक धर्म की जागीर नहीं, ये तो उस मिट्टी से जुड़ी भावना है – जिसमें हम सबका खून मिला है।











