संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया बलिया।ग्रामीण व शहरी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में खादी और ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक, इब्राहिमाबाद, बैरिया,बलिया के परिसर में किया गया। शिविर में मंडलीय कार्यालय खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, तेलियाबाग वाराणसी से आए सहायक निदेशक सुभाष चंद्र ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला एवं पुरुष उद्यमी बैंक के माध्यम से 50 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को 25 प्रतिशत, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं सभी वर्ग की महिलाओं को 35 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान की जाती है, जिससे उद्योग स्थापित करना आसान हो जाता है। कार्यक्रम के आयोजक जयप्रकाश नारायण ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र, जयप्रकाश नगर के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आयोग द्वारा युवाओं को विभिन्न स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें पत्तल-दोना निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, प्लंबरिंग, सिलाई-कढ़ाई, डिटर्जेंट पाउडर निर्माण, वेस्ट वुड और वुडन टॉयज जैसे उद्योग शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राशन कार्ड धारक लाभार्थियों को खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा निःशुल्क टूलकिट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे प्रशिक्षण के बाद तुरंत कार्य शुरू किया जा सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य आर.के. यादव ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए। उद्योग स्थापित कर युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज में रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर शत्रुघ्न मिश्रा (सह निदेशक, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, वाराणसी), प्रशांत गुप्ता (शाखा प्रबंधक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, मधुबनी) सहित के.के. सिंह, रजनीकांत, ज्ञानेन्द्र वर्मा, प्रेमचंद शर्मा समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।











