रेवाड़ी 21 फरवरी चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिला के निकटवर्ती राजस्थान के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से निकल रहे रसायनिक और दूषित औद्योगिक पानी के मामले में केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय तथा संबंधित एजेंसियों को भेजी गई शिकायत पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए मामले को 19 फरवरी को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया है और जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।प्रकाश यादव के मुताबिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से प्राप्त इस जन शिकायत को गंभीर पर्यावरणीय विषय मानते हुए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तत्काल जांच करने, शिकायत में उठाए गए बिंदुओं का सत्यापन करने तथा पर्यावरण नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिकायत में उल्लेख किया गया था कि खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से निकल रहा जहरीला और रसायनिक पानी खुले में बह रहा है, जो आसपास की कृषि भूमि, खाली जमीन और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों की ओर जा रहा है। इससे हरियाणा के सीमावर्ती गांवों और सहाबी नदी के कैचमेंट क्षेत्र तक प्रदूषण पहुंचने की गंभीर आशंका है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे भूजल, कृषि उत्पादन, पशुधन और आमजन के स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन और गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।केंद्रीय स्तर पर इस शिकायत को संज्ञान में लिए जाने के बाद अब संबंधित औद्योगिक इकाइयों की जांच, प्रदूषण के स्रोत की पहचान और पर्यावरण कानूनों के तहत कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में भी उम्मीद जगी है कि लंबे समय से जारी प्रदूषण की समस्या का समाधान हो सकेगा और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।











