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धारूहेड़ा- रिपोर्टर दीपक तिवारी -धारूहेड़ा नगरपालिका द्वारा कस्बे की लाइफलाईन सर्कुलर रोड़ पर बनाए जा रहे सार्वजनिक रास्ते को लेकर उपजा विवाद कोर्ट तक पहुंच गया। लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ता सुरेंद्र सिंह की स्टे याचिका खारिज कर दी।
हालांकि कोर्ट ने नगर परिषद को हिदायत दी कि जब तक मुकदमे का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक निर्माण कार्य को पहले से मौजूद रास्ते तक ही सीमित रखा जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 मई को तय की गई है, जिसमें प्रतिवादी अपना लिखित जवाब दाखिल करेंगे।
याचिकाकर्ता सुरेंद्र सिंह ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि वह और उनके साथियों के पास गांव धारूहेड़ा स्थित खसरा नंबर 197 की जमीन है, जिस पर नगर परिषद अवैध रूप से कब्जा कर
क्या था मामला
धारूहेड़ा नगरपालिका द्वारा करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सर्कुलर रोड पर सड़क निर्माण के दौरान नगर पालिका ने अवैध चबूतरों, रैम्प और
अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की थी। इस पर कुछ स्थानीय लोगों ने उसे अपनी निजी जमीन बताकर कोर्ट में याचिका दायर कर दी। मामला न्यायालय में लंबित रहा और इसी वजह से नवनिर्माण कार्य में रुकावट आई। अब कोर्ट द्वारा नगर पालिका को सीमित दायरे में कार्य जारी रखने की अनुमति मिल गई है, लेकिन अंतिम निर्णय अब भी न्यायालय में लंबित है।
पक्की सड़क बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खसरा नंबर 175 पर पहले से बना रास्ता छोड़कर, उनकी निजी जमीन पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई हैं और अब आरसीसी रोड डालने की तैयारी की जा रही है।
नगरपालिका ने कहा-50 साल से सार्वजनिक रास्ता हैः
नगरपालिका की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि यह जमीन बीते 50 वर्षों से सार्वजनिक रास्ते के रूप में उपयोग हो रही है। पहले ग्राम पंचायत और अब नगर परिषद इस रास्ते की देखरेख कर रही है। गैस, पानी, सीवर और बिजली लाइनें पहले से बिछी हुई हैं और की आसपास रिहायशी मकान बने हुए हैं। नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि वह पहले से मौजूद रास्ते की मरम्मत कर रही है, कोई नई सड़क नहीं बना रही।
कोर्ट ने कहा- जनहित में कार्य है, रोक नहीं लगाई जा सकती
सिविल जज जूनियर डिवीजन बेनिका की अदालत ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि नया अतिक्रमण किया जा रहा है। जो रिपोर्ट और जामाबंदी पेश की गई, वह केवल स्वामित्व दिखाती है, लेकिन अतिक्रमण को साबित नहीं करती। साथ ही कोर्ट ने माना कि अगर रास्ता जनहित में बनाया जा रहा है और पिछले 50 वर्षों से उपयोग में है, तो उसे रोकना जनहित के खिलाफ होगा।
रोड को तोड़कर छोड़ा, अधूरे निर्माण से बने गड्डों के कारण लोग हो रहे हैं परेशान
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू किए गए सर्कुलर रोड (फिरनी) के नवनिर्माण कार्य को तोड़फोड़ के बाद अधूरा छोड़ दिया गया। इसके चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे रोजाना राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का का र सामना करना पड़ पड़ रहा रहा है। स्थानीय निवासी गजेन्द्र, बबलू, सुनील, राकेश और अनिल की मांग है कि रास्ते को सुधारा जाए।











