November 2, 2026 10:29 pm

तेज हवा के साथ बारिश से गिरी गेहूं की फसल, दलहन-तिलहन पर असर।

 

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रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।

जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार की रात गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बेमौसम बारिश ने रबी फसलों पर संकट खड़ा कर दिया है।खेतों में खड़ी और कटाई के कगार पर पहुंच चुकी फसलें इस असमय वर्षा से प्रभावित होती दिख रही हैं, जिससे अन्नदाताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं। किसानों रमेश कुमार, सुरेश मिश्रा, विमल कुशवाहा ने कहना कि इस समय गेहूं सहित दलहनी और तिलहनी फसलें पूरी तरह तैयार हैं या कटाई के दौर में हैं। ऐसे में बारिश और तेज हवा ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने की आशंका पैदा कर दी है। शुक्रवार को बारिश के चलते कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण गेहूं की खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे दाने खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं मटर, मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों के फल चटकने और दानों के काले पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जो पैदावार को सीधे प्रभावित करेगा। किसानों के मुताबिक चैत्र माह में इस तरह का मौसम रबी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। यदि आने वाले दिनों में फिर बारिश होती है, तो खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह चौपट हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के बीच इस बात को लेकर डर साफ नजर आ रहा है कि कहीं खरीफ फसल की तरह रबी फसल भी मौसम की मार का शिकार न हो जाए। ऐसी स्थिति में उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।बीजपुर क्षेत्र में शुक्रवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के कारण बाजार की मुख्य सड़कों परजलभराव हो गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। राहगीरों को पानी और कीचड़ से गुजरना पड़ा, वहीं दुकानों के सामने पानी भर जाने से व्यापारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जमा गंदा पानी और कीचड़ न केवल आवागमन में बाधा बना, बल्कि इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। महुली, रजमिलान और नेमना जैसे जंगली व ग्रामीण इलाकों में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है। यहां आम, महुआ और तेंदू के साथ-साथ गेहूं और जौ की फसलें भी बारिश से प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर कटी हुई फसलें खेतों में भीग गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो गया है।दुद्धी क्षेत्र में भी शुक्रवार शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश ने मौसम को तो सुहावना बना दिया, लेकिन किसानों के लिए यह आफत बनकर आई। खेतों में तैयार मसूर, चना, सरसों, गेहूं और अरहर की फसलें इस बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। विशेष रूप से प्याज की फसल को लेकर किसान काफी चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्याज की फसल के लिए इस समय बारिश की बूंदें बेहद नुकसानदायक होती हैं। जिले में बड़ी संख्या में किसान प्याज उत्पादन से जुड़े हैं, ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसानउठाना पड़ सकता है। किसान बुद्धि नारायण, त्रिवेणी कुशवाहा, रमेश, बिंदु देवी, गीता देवी और राकेश कुशवाहा सहित कई किसानों ने बताया कि रात में बारिश के दौरान उन्हें अपनी तैयार फसल के नष्ट होने का डर सताने लगा था। हालांकि सुबह मौसम खुलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों का कहना है कि यदि दोबारा बारिश हुई तो उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

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