तहसील संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया बलिया। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चाँददीयर के ठेकहां गांव में लाखों रुपये की लागत से करीब एक दशक पूर्व निर्मित एएनएम सेंटर आज विभागीय उपेक्षा का शिकार होकर बदहाली की कगार पर पहुंच चुका है। भवन परिसर में झाड़ियां और कूड़ा-करकट जमा हो चुका है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक यहां किसी ने झांक कर भी नहीं देखा। करीब पच्चीस हजार की आबादी वाले इस पंचायत के लिए यह सेंटर ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से बनाया गया था। परंतु, निर्माण पूरा होने के बाद से अब तक यहां स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें आज भी मामूली इलाज के लिए मुरली छपरा या सोनबरसा तक लगभग दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
गांव के प्रधान प्रतिनिधि सुमेर कुमार यादव, राम कुमार चौबे, धनंजय यादव और प्रशांत यादव ने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण यह भवन आज पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। उन्होंने कहा कि “सरकार की मंशा थी कि ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, लेकिन विभागीय उदासीनता ने उस मंशा पर पानी फेर दिया।”
स्थानीय लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग जल्द से जल्द इस एएनएम सेंटर को संचालित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो आने वाले वर्षों में यह सरकारी भवन जर्जर होकर अपना अस्तित्व खो देगा।











