November 2, 2026 8:49 pm

जालौन के समस्त ब्लॉकों से एक-एक गांव बनेगा माॅडल, अधिकारी लेंगे गांव को गोद*गोवंश संरक्षण और प्राकृतिक खेती बनेगी ग्रामीण विकास की नई पहचान* 

जनपद जालौन, 16 सितम्बर 2025 सूचना विभाग प्रकाशनार्थ।

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रितिक कुमार पत्रकार जिला ब्यूरो चीफ

गोवंश सेवा और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में जनपद पूरे प्रदेश में एक मिसाल कायम करने जा रहा है। विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लाॅक से एक-एक गांव को जैविक व प्राकृतिक खेती का माॅडल गांव बनाया जाएगा, जिसे संबंधित अधिकारी गोद लेकर विकसित करेंगे।

मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत प्रत्येक संरक्षित गोवंश पर प्रतिमाह 1500 रुपये की धनराशि दी जाती है। सभी संबंधित ब्लॉकों में कैंप लगाकर किसानों को प्रेरित कर दो-दो गाय सुपुर्द करें। अधिकारियों ने किसानों से आह्वान किया कि वे गोबर व गोमूत्र से जीवामृत, घनामृत और बीजामृत तैयार कर खेतों में प्रयोग करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, रसायनमुक्त फसलें तैयार होंगी और परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।गौसेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हर किसान कम से कम दो दो गाय अवश्य पाले और दूध-दही-घी का सेवन कर स्वस्थ जीवन अपनाए। गौशाला संचालकों को आत्मनिर्भर बनने हेतु गोबर से बायोगैस, जैविक खाद, लकड़ी, गमले व अन्य उत्पाद तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों के लिए 300 एकड़ भूमि हरे चारे हेतु चिन्हित की गई है। घायल गोवंशों की सेवा हेतु चलित अस्पताल वाहन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गौशालाओं में केयरटेकर व अभिलेख कक्ष का निर्माण कराने की भी योजना बनाई गई है।उन्होंने कहा कि जनपद की गौशालाएं पहले से ही प्रदेश में उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। यहाँ सीसीटीवी कैमरों द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की देखभाल और पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने जनपदवासियों से आह्वान किया कि वे गोवंश को गौमाता का स्वरूप मानकर उनकी सेवा करें और प्राकृतिक खेती में जीवामृत का प्रयोग कर जालौन को गौसेवा एवं आत्मनिर्भर कृषि का आध्यात्मिक केन्द्र बनाने में सहयोग दें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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