राजस्थान का प्रदूषित पानी हरियाणा में नहीं आने देंगे : राव इंद्रजीत
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नेशनल हाईवे पर जमा बरसाती पानी की निकासी पर 200 करोड़, मसानी बैराज खाली करने पर 250 करोड़ खर्च करेगी हरियाणा सरकार
PNP न्यूज, नई दिल्ली चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
राजस्थान के भिवाड़ी से हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर आ रहे प्रदूषित औद्योगिक पानी को लेकर केंद्र व दोनों राज्यों के बीच गंभीर मंथन हुआ। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नई दिल्ली स्थित निवास पर हुई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि राजस्थान का प्रदूषित पानी किसी भी सूरत में हरियाणा की ओर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर लगातार केमिकल युक्त औद्योगिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां गंभीर हालात बन गए हैं। लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।राव इंद्रजीत ने बताया कि हरियाणा की ओर से प्रदूषित पानी रोकने के लिए बनाए गए ब्रेकर को भी रातों-रात तोड़ दिया गया। पिछले करीब 10 दिनों से भिवाड़ी का दूषित पानी धारूहेड़ा क्षेत्र में जमा है। उन्होंने कहा कि पहले केवल बरसाती पानी प्राकृतिक बहाव के तहत धारूहेड़ा की ओर आता था, लेकिन पिछले 6-7 वर्षों से औद्योगिक प्रदूषित पानी जानबूझकर हरियाणा की ओर बहाया जा रहा है।बैठक में निर्णय लिया गया कि मानसून के दौरान भिवाड़ी की ओर से आने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए नेशनल हाईवे के साथ करीब 6 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इस पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी लागत राजस्थान और हरियाणा सरकार बराबर अनुपात में वहन करेंगी, जबकि शेष राशि सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से दी जाएगी।इसके अलावा हरियाणा सरकार मसानी बैराज में जमा पानी को खाली करने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी, ताकि जलभराव और प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भिवाड़ी से आ रहे प्रदूषित पानी का स्थायी समाधान जरूरी है, अन्यथा भविष्य में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि भिवाड़ी के औद्योगिक प्रदूषित पानी को वहीं शुद्ध कर औद्योगिक क्षेत्र और किसानों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भिवाड़ी में 40 एमएलडी क्षमता का एसटीपी मार्च माह तक शुरू कर दिया जाएगा, जिससे प्रदूषित पानी पर काफी हद तक नियंत्रण होगा। जल्द ही सीईटीपी प्लांट भी चालू किया जाएगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आश्वासन दिया कि मार्च तक एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद दूषित पानी की समस्या पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने हरियाणा सरकार से भी अपने शहरी क्षेत्रों के दूषित पानी को मसानी बैराज में जाने से रोकने में सहयोग की बात कही।
बैठक में हरियाणा सरकार के मंत्री राव नरवीर सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सचिव उमाशंकर, राजस्थान और हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी, सिंचाई विभाग के एसीएस अनुराग अग्रवाल सहित नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी मौजूद रहे।











