रेवाड़ी रिपोर्टर दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साइबर थाना पुलिस ने युवक को घर को बैठे रुपये कमाने का लालच देकर 1.26 लाख ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान देवांश अग्निहोत्री निवासी बानवाली गली जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश व उत्कर्ष अवस्थी निवासी बागमाह नारायण जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। रेलवे स्टेशन कोसली निवासी अनुराग ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकयत में बताया था कि 13 जून को उसके मोबाइल नंबर पर घर बैठे रुपये कमाने का एक एक मैसेज आया था। अनुराग ने ठग की बात को सही मानकर आॅफर मान लिया। इसके बाद ठग ने उससे अपने अकाउंट में 150 रुपये डालवा लिए। इसके बाद उसने लगातार 150-150 करके कई बार पैसे अकाउंट में डाल दिए। उसने यूपीआई आईडी से कुल 5000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठग ने अनुराग के खाते में 7000 रुपये डाल दिए, जिस पर अनुराग ने 5000 रुपए तथ फिर 28000 रुपये और डाल दिए। उसके बाद ठग के कहने पर अनुराग ने 88000 रुपए और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह अनुराग ने साइगर ठग को कुल 1 लाख 26 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद साइबर ठग ने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद अनुराग को साइबर ठगी के बारे में पता चला और उसने साइबर थाने में शिकायत दी। जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपी देवांश अग्निहोत्री निवासी बानवाली गली जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश व उत्कर्ष अवस्थी निवासी बागमाह नारायण जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की ओर से प्रारंभिक पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि अनुराग के खाते से 88000 रुपये देवांश अग्निहोत्री के खाते में गए थे तथा आरोपी उत्कर्ष अवस्थी ने साइबर ठगों को देवांश का खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।











