लखीमपुर खीरी/निघासन क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। केला बोने वाले किसानों को उचित दाम न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। बढ़ती लागत और बाजार में केले की कम कीमतों के कारण किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं किसानों का कहना है कि खाद, कीटनाशक, सिंचाई आदि की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। इसके बावजूद केले का समर्थन मूल्य तय नहीं है, जिससे व्यापारी मनमाना रेट देकर खरीदते हैं। मजबूरी में किसानों को औने-पौने दाम पर केले की फसल बेचनी पड़ती है निघासन और आसपास के गांवों में कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए खेत में गुस्से में एक अकड़ जोत डाला किसान पहलाद सिंह, निवासी लोनियन पुरवा ने बताया कि केले की खेती में मेहनत और खर्च बढ़ता जा रहा है, लेकिन बाजार में उचित कीमत न मिलने से आय में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार केला उत्पादकों के लिए ठोस नीति नहीं बनाती है, तो किसान केला की खेती बंद करने को मजबूर हो जाएंगे किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि केले का उचित मूल्य तय किया जाए, सरकारी खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं और मंडियों में पूरी पारदर्शिता रखी जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रिपोर्टर अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी











