पीएनपी न्यूज़ /रिपोर्ट अब्दुल शफीक खान
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आगर-मालवा, 16 मई।
कलेक्टर प्रीति यादव के मार्गदर्शन में “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत जिले में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु अभिनव पहल की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को कृषि उपज मंडी आगर से चार कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न विकासखण्डों के लिए रवाना किया गया। यह कृषि रथ प्रत्येक विकासखण्ड में 10 दिवस तक भ्रमण कर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण एवं शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी.एस. सोलंकी, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री राघुसिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.पी.एस. शक्तावत तथा उप संचालक कृषि विजय चौरसिया उपस्थित रहे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी.एस. सोलंकी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक खेती एवं आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि कृषि रथ अभियान किसानों को नवीन तकनीकों एवं वैज्ञानिक सलाह से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि कृषि रथ के ग्राम पंचायत में पहुंचने के एक दिन पूर्व प्रचार-प्रसार कर किसानों को सूचना दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस अभियान का लाभ उठा सकें।
डिप्टी कलेक्टर यादव ने कहा कि किसान फसल विविधीकरण अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने दलहन, तिलहन, उद्यानिकी एवं अन्य नकदी फसलों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी तथा कृषि जोखिम कम होगा।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.पी.एस. शक्तावत ने वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर बल देते हुए कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग, उन्नत बीज प्रजातियों का चयन तथा मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने से उत्पादन लागत कम होने के साथ गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है।
भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री राघुसिंह ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वराशक्ति सुरक्षित रहेगी तथा किसान नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आय दोनों बढ़ा सकेंगे।
उप संचालक कृषि विजय चौरसिया ने ई-टोकन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि किसान इसके माध्यम से समय पर एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-टोकन बुक कर अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की। उन्होंने बताया कि कृषि रथ प्रत्येक ग्राम पंचायत में पहुंचकर किसानों को उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों, फसल विविधीकरण एवं मौसम आधारित कृषि सलाह की जानकारी देगा। साथ ही कृषि वैज्ञानिक एवं विभागीय अधिकारी किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर वैज्ञानिक खेती के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
प्रथम दिवस पर कृषि रथ विकासखण्ड आगर की ग्राम पंचायत आमला, महुडिया एवं बापचा, विकासखण्ड बड़ौद की जमुनिया, खंदवाश एवं झलारा बड़ौद, विकासखण्ड सुसनेर की सोयत खुर्द, कंवराखेड़ी एवं खेरिया सोयत तथा विकासखण्ड नलखेड़ा की लालूखेड़ी, सुईगांव एवं रिछी ग्राम पंचायतों में भ्रमण करेंगे।
कृषि रथ के माध्यम से कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभागों के समन्वय से किसानों को खरीफ फसलों की बुआई प्रारंभ होने से पूर्व योजनाओं, फसल विविधीकरण एवं कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान की जानकारी प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकगण एवं कृषि विभाग सहित संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जीवन राठौर एवं राहुल बामनिया द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन मेहरबान सिंह यादव ने किया।











