November 2, 2026 9:53 pm

Maharashtra news: महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों को राहत, मराठी सीखने के लिए मिला एक साल का अतिरिक्त समय

महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ योगेश यादव

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मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने चालकों को बोलचाल की मराठी सीखने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस अवधि में मराठी नहीं सीख पाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।

दरअसल, महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए कामकाज के दौरान बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी किए जाने को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा और विवाद चल रहा था। इसी बीच चालक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भाषा सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग रखी थी।

चालक संगठनों की मांग सरकार ने मानी

मुख्यमंत्री फडणवीस के मुताबिक, ऑटो-टैक्सी संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार से कहा था कि चालक मराठी सीखने के लिए तैयार हैं, लेकिन सभी चालकों की उम्र और शैक्षणिक पृष्ठभूमि एक जैसी नहीं है। कई चालक ऐसे हैं, जिन्होंने काफी पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। ऐसे में कम समय में भाषा सीखना उनके लिए मुश्किल हो सकता है।

सरकार ने उनकी मांग पर विचार करते हुए एक साल की मोहलत देने का फैसला किया है। इस दौरान चालकों को मराठी सीखने के लिए सहायता उपलब्ध कराने की भी योजना है।

कामचलाऊ मराठी पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने पहले भी स्पष्ट किया था कि ऑटो और टैक्सी चालकों से मराठी भाषा का विशेषज्ञ बनने की अपेक्षा नहीं है। उनका कहना है कि यात्रियों से बातचीत और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आवश्यक बुनियादी या कामचलाऊ मराठी का ज्ञान होना पर्याप्त है।

कक्षाओं और अध्ययन सामग्री से होगी मदद

सरकार की ओर से इस एक साल की अवधि में चालकों को मराठी सिखाने के लिए अलग-अलग स्तर पर कक्षाएं आयोजित करने और जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ऑटो-टैक्सी चालक भी इस बात के पक्ष में हैं कि मुंबई में काम करने के लिए उन्हें बुनियादी मराठी भाषा आनी चाहिए। हालांकि, उनका कहना है कि अलग-अलग उम्र और शिक्षा स्तर वाले चालकों को भाषा सीखने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

सरकार के फैसले के बाद अब ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय मिलेगा और इस अवधि के दौरान केवल मराठी भाषा नहीं आने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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