रेवाड़ी, 5 जनवरी ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले केमिकल युक्त पानी को रोकने के लिए बनाया गया अस्थायी रैंप एक बार फिर टूटने के बाद पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति भयावह हो गई है। इसके परिणामस्वरूप भिवाड़ी की फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला, जहरीला और रासायनिक पानी तेज बहाव के साथ धारूहेड़ा की बस्तियों, बेस्टेक रोड, जैन मंदिर क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों तक पहुंच गया है। इससे सेक्टर-6 सहित कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया है, यातायात बाधित है और आम नागरिकों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह पानी केमिकल युक्त और अत्यंत जहरीला है। पूर्व में भी इसी दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों में त्वचा रोग, एलर्जी, सांस संबंधी बीमारियां और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले सामने आ चुके हैं। अब एक बार फिर वही हालात पैदा किए जा रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकारें आंखें मूंदे बैठी हैं।
यादव ने कहा कि भिवाड़ी (राजस्थान) में भी भाजपा की सरकार है और हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है। सवाल यह है कि जब दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार है, तो वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आज तक क्यों नहीं किया गया? क्यों हर बार अस्थायी रैंप बनाकर, उसे टूटने के लिए छोड़ दिया जाता है और जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय केवल ध्यान भटकाने वाले मुद्दों पर राजनीति करना जानती हैं। ज़मीनी स्तर पर लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन से जुड़े सवालों से इन्हें कोई सरोकार नहीं है। उद्योगों पर सख्त कार्रवाई, प्रभावी जल-शोधन व्यवस्था और दोनों राज्यों के बीच समन्वय से स्थायी समाधान निकालना भाजपा की प्राथमिकता में कभी रहा ही नहीं।
कैप्टन यादव ने मांग करते हुए कहा कि हरियाणा और राजस्थान की सरकारें तुरंत संयुक्त बैठक कर इस समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान निकालें, दोषी औद्योगिक इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई करें और जनता को जहरीले पानी से राहत दिलाएं। यदि सरकारें ऐसा करने में विफल रहती हैं, तो यह उनकी जनविरोधी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण होगा।











