November 2, 2026 9:34 pm

मुंबई पर मंडरा रहा था बड़ा आतंकी खतरा! 9 संदिग्ध गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा खुलासा

रिपोर्टर: योगेश यादव | पीएनपी न्यूज़ महाराष्ट्र

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई प्रमुख शहरों में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी सीमा पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और उन्हें संवेदनशील प्रतिष्ठानों तथा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के निर्देश दिए जा रहे थे। खुफिया जानकारी मिलने के बाद स्पेशल सेल ने विभिन्न राज्यों में समन्वित अभियान चलाकर इन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

हथियार और विस्फोटक बरामद

छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से ग्लॉक पिस्टल, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में निर्मित चार हैंड ग्रेनेड और 25 कारतूस बरामद किए गए। सुरक्षा कारणों से बरामद ग्रेनेड को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की सहायता से महरौली के एक सुरक्षित और सुनसान इलाके में निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया।

ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत

जांच एजेंसियों के अनुसार, सभी आरोपी कथित तौर पर शहजाद भट्टी नेटवर्क के संपर्क में थे, जिसे ISI समर्थित मॉड्यूल माना जा रहा है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इनके प्रमुख निशानों में दिल्ली और मुंबई शामिल थे। मुंबई से तौकीर और अरबाज नामक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क का संचालन एक ही हैंडलर द्वारा किए जाने की बात सामने आई है।

कई राज्यों में फैला नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुणे से विजय शूटर नामक एक कथित अपराधी को पकड़ा गया, जबकि साहिबगंज से नीतीश पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उजफा और यावर खान के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा, छतरपुर जाते समय दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया।

मुंबई और दिल्ली में रेकी की आशंका

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सुरक्षा बलों के जवानों और पहले से चिन्हित संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसियों को मुंबई में कई महत्वपूर्ण स्थानों और पुलों की रेकी किए जाने की जानकारी मिली है। वहीं दिल्ली में सरकारी इमारतों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जा रही थी।

नेपाली नागरिक की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच में यह भी सामने आया है कि मुन्ना जागड़ा नामक व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क के सीधे संपर्क में था। एजेंसियों के मुताबिक, एक 66 वर्षीय नेपाली नागरिक भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो नेपाल से दिल्ली धन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आया था। बताया जा रहा है कि मुन्ना जागड़ा फिलहाल कराची में छिपा हुआ है।

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आपस में तथा अपने विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में रहते थे। जांच एजेंसियां अब इनके वित्तीय लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं।

अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि समय रहते एक संभावित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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