November 3, 2026 2:34 am

शहीदों के बलिदान का अपमान है ओबरा का वर्तमान: बिखरे हुए जनमानस का फायदा उठा रहा प्रशासन

रिपोर्टर: विजेन्द्र कुमार मौर्या, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र (PNP News)

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को स्थानीय गांधी मैदान में ‘सोन चेतना सामाजिक संगठन’ के तत्वाधान में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक अग्रहरी ने अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और ओबरा नगर की वर्तमान जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने शोषणमुक्त और न्यायपूर्ण भारत का सपना देखा था, आज उसी धरती पर प्रशासनिक उत्पीड़न और जनमानस की उपेक्षा देखने को मिल रही है। नगर में समस्याओं का अंबार लगा है—ओबरा इंटर कॉलेज के निजीकरण से गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, ओबरा अस्पताल स्वयं बदहाल स्थिति में है, और स्थानीय परियोजनाओं में योग्य युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है।

सबसे गंभीर स्थिति श्रमिक वर्ग की बताई गई, जहां मजदूरों से 12-12 घंटे काम लेकर भी 8 घंटे का ही भुगतान किया जा रहा है। साथ ही CSR फंड के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया।

अभिषेक अग्रहरी ने कहा कि ओबरा की बदहाली का मुख्य कारण स्थानीय जनता में एकजुटता की कमी है। आपसी बिखराव का लाभ उठाकर प्रशासनिक अधिकारी और ठेकेदार आम लोगों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि जब तक लोग जाति और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर एकजुट नहीं होंगे, तब तक न्याय की उम्मीद करना कठिन है।

उन्होंने ठेका आवंटन में पारदर्शिता की कमी और भुगतान अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय न मिलने को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।

कार्यक्रम में विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल और बाबूलाल सोनकर सहित कई जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी, जब ओबरा का जनमानस संगठित होकर अपने संवैधानिक अधिकारों, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त ऊर्जा नगरी के लिए सामूहिक संघर्ष करेगा।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें