रिपोर्ट: PNP न्यूज़ | निलेश वर्मा, वाराणसी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश में शादी-विवाह को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए बलिया जनपद के बांसडीही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत परसा डुमरिया गांव में एक शादी समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दूल्हा सूरज वर्मा की बारात गाजे-बाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
बारात निकलते ही पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते हुए दूल्हे के साथ आगे बढ़ते रहे। गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने भी बारात में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और खुशी का इजहार किया। रास्ते भर लोगों ने बारात का स्वागत किया और दूल्हे को आशीर्वाद दिया।
हिंदू धर्म में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है, जिसमें दो लोगों के साथ-साथ दो परिवारों का भी मिलन होता है। इस अवसर पर दूल्हा सूरज वर्मा ने कहा कि विवाह जीवन का एक नया अध्याय होता है। उन्होंने कहा कि परिवार, रिश्तेदारों और समाज के आशीर्वाद से ही यह रिश्ता मजबूत और सफल बनता है।
शादी समारोह में गांव के कई गणमान्य लोग, रिश्तेदार और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को सुखमय और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के शादी समारोह सामाजिक एकता और परंपराओं को जीवित रखने का काम करते हैं, जहां लोग मिलकर खुशियां साझा करते हैं और रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।











