रिपोर्टर योगेश यादव पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
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नवी मुंबई के कोपरखैरणे में ट्यूशन क्लास के दौरान बड़ा हादसा, स्लैब गिरने से 9 वर्षीय छात्र की मौत, कई बच्चे घायल
नवी मुंबई के कोपरखैरणे इलाके में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। सेक्टर-2 स्थित विद्याभवन अपार्टमेंट में चल रही ट्यूशन क्लास के दौरान फ्लैट का स्लैब अचानक गिर पड़ा। इस हादसे में 9 वर्षीय छात्र मनीष म्हसे की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार फ्लैट नंबर-02 में 53 वर्षीय शिक्षिका श्यामली चौधरी बच्चों को घर पर ट्यूशन पढ़ा रही थीं। उस समय वहां कुल 12 बच्चे मौजूद थे। शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच अचानक छत का स्लैब टूटकर नीचे गिर गया और पढ़ रहे बच्चे मलबे में दब गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही वाशी, कोपरखैरणे और ऐरोली की फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत व बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में फंसे बच्चों और शिक्षिका को बाहर निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 9 वर्षीय मनीष म्हसे को मृत घोषित कर दिया गया।
इन बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी
एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती बच्चे
निशिका धनवड़े (13 वर्ष)
आयशा खान (11 वर्ष)
देवांश पुजारी (12 वर्ष)
सिद्धांत गुप्ता (9 वर्ष)
राजदीप वरखडे (11 वर्ष)
लायन्स क्लब हॉस्पिटल, कोपरखैरणे में भर्ती
तन्वी सचिन श्रीवास्तव (10 वर्ष)
रुद्र प्रवीण पाटील
प्रिन्स सोनी (14 वर्ष)
इसके अलावा 13 वर्षीय कुलसुम खान को एसलोन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जबकि पार्थ खैरनार (12 वर्ष) का इलाज साईज्योत हॉस्पिटल में चल रहा है। वहीं आराध्य धनवड़े सुरक्षित है और उसे परिजन घर ले गए हैं।
अधिकारियों ने किया घटनास्थल का दौरा
घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, उपमहापौर दशरथ भगत और महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और परिवारों को सांत्वना दी।
इमारत खाली कराई गई
सुरक्षा के मद्देनजर पूरी इमारत को खाली करा दिया गया है। वहां रहने वाले लोगों के लिए अस्थायी व्यवस्था अण्णासाहेब पाटील सांस्कृतिक भवन में की गई है। महानगरपालिका ने इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं ताकि हादसे के असली कारणों का पता चल सके।
हादसे की वजह की जांच जारी
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह तीन मंजिला इमारत है, जिसमें हर मंजिल पर चार फ्लैट हैं। इमारत को 1996 में निर्माण और निवास की अनुमति (CC और OC) मिली थी और इसे जर्जर घोषित नहीं किया गया था। फिलहाल पुलिस और नगर निगम दोनों इस मामले की जांच कर रहे हैं कि स्लैब गिरने के पीछे असली वजह क्या थी और कहीं इमारत में कोई अवैध बदलाव तो नहीं किया गया था।











