संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया (बलिया)।जनपद बलिया के मुरली छपरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनबरसा के पुरवा गांव भगवानपुर में सरकारी राशन वितरण में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार की दुकान पर ई-पॉस मशीन से अंगूठा सत्यापन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर /गट्ठर रखकर वजन दिखाया जाता है,जबकि वास्तविक राशन वितरण दो-चार दिन बाद दूसरे इलेक्ट्रॉनिक कांटे से किया जाता है। कार्डधारक रामजी यादव निवासी भगवानपुर ने बताया कि अंगूठा लगवाने के समय गटर के सहारे पूरा वजन दर्शाया जाता है, लेकिन वास्तविक वितरण के समय अलग कांटे से राशन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वे जागरूक होने के कारण यूनिट के अनुसार पूरा 5 किलो राशन प्राप्त कर लेते हैं, जबकि गांव के अन्य कार्डधारकों को प्रति यूनिट लगभग आधा किलो कम राशन दिया जाता है। वहीं लाल बाबू यादव और गणेश यादव ने आरोप लगाया कि ई-पॉस मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर मिट्टी, ईंट या पत्थर जैसी वस्तुएं रखकर वजन दिखाया जाता है और उसी समय कार्डधारकों से अंगूठा लगवा लिया जाता है। इसके बाद दूसरे या तीसरे दिन वितरण के दौरान प्रति यूनिट आधा किलो तक कम राशन दिया जाता है। इसी क्रम में कार्डधारक चुनमुन कुमार ने भी बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर गट्ठर बांधकर अंगूठा लगवाया जाता है। इसके बाद जब वे दूसरे या चौथे दिन राशन लेने जाते हैं तो अलग इलेक्ट्रॉनिक कांटे से कम मात्रा में राशन दिया जाता है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो गरीब व जरूरतमंद कार्डधारकों के अधिकारों का लगातार हनन होता रहेगा। कोटेदार शिवजी राम ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे कमजोर वर्ग से आते हैं। यदि मानक के अनुसार पूरा वजन देकर राशन वितरण किया जाए तो कोटे का राशन कम पड़ जाता है, क्योंकि ऊपर से ही पूरा राशन समय पर नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि केवल उनकी दुकान को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य दुकानों पर भी इसी तरह राशन वितरण होता है, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस संबंध में सप्लाई इंस्पेक्टर मुरली छपरा दीपक सेठ ने बताया कि हाल ही में उन्होंने खंड विकास अधिकारी मुरली छपरा के साथ एक-दो राशन दुकानों की जांच की थी, जहां किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं और जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्डधारकों को सही मात्रा में राशन उपलब्ध कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ई-पॉस मशीन एवं इलेक्ट्रॉनिक कांटे के माध्यम से राशन वितरण की व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य घटतौली और अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाना है। हालांकि जमीनी स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि कई स्थानों पर नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सख्त निगरानी, नियमित जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सरकार की मंशा पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगी।











