संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया (बलिया)। मुरली छपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद से आईटीआई को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर स्थित भागड़ नाले में मृत पशुओं को खुलेआम फेंके जाने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाले और सड़क के आसपास फैली तेज दुर्गंध से जहां लोगों का आवागमन दूभर हो गया है, वहीं संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, मजदूर और ग्रामीण गुजरते हैं। नाले में पड़े मृत पशुओं को खाने के लिए आवारा कुत्तों का झुंड हर समय जमा रहता है, जिससे राहगीरों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी भी कुत्तों के हमले की घटना हो सकती है। इब्राहिमाबाद निवासी किशन ने बताया कि वे पढ़ाई के लिए इसी रास्ते से आते-जाते हैं, लेकिन मृत पशुओं की बदबू के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। मिस्र के मठिया निवासी अजीत कुमार शाह ने बताया कि उनके पिता पास के ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं और रोज इसी मार्ग से गुजरते हैं, जहां दुर्गंध और कुत्तों का डर बना रहता है। हृदयपुर मुरार पट्टी निवासी अनिश कुमार भारती ने कहा कि इस मार्ग से गुजरना मजबूरी है, लेकिन मृत पशुओं के कारण हमेशा परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं सोनबरसा निवासी मुन्ना गॉड ने बताया कि मजदूरी के लिए रोज इसी सड़क से आना-जाना होता है और भागड़ नाले के पास हमेशा खतरे की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बैरिया के उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी से मांग की है कि भागड़ नाले में मृत पशु फेंकने पर तत्काल रोक लगाई जाए, नाले की नियमित साफ-सफाई कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।











