मनोज कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जहानाबाद
रूपा बीघा गांव में सेवानिवृत्ति होमगार्ड के एक सिपाही द्वारा गांव के ही एक युवक उमेश यादव को घात लगाकर हत्या करने के असफल कोशिश के बाद उग्र पुरे गांव के लोगों द्वारा सिपाही के घर को घेर लिया तथा लोगों ने उसे उसके जघन्य क्रूरता के बदले जान मारने का निर्णय ले लिया था। स्थिति को भांपते हुए हुलासगंज पुलिस को किसी व्यक्ति द्वारा सूचना देने पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और घटना स्थल पर पंहुच स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। लेकिन स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख घोसी एवं टेहटा की पुलिस को बुलाई गई तब जाकर मामला निंयत्रित हो पाया। मौक़ा देख पुलिस द्वारा सिपाही देवेंद्र यादव को किसी किसी तरह से निकाल कर गिरफ्तार किया गया।उग्र ग्रामीणों द्वारा हर हाल में पुलिस की गिरफ्त से छीनकर उसे जान मारने पर आमदा थे।
घटना के संबंध में बताया गया कि उमेश यादव उर्फ गोरेलाल यादव शनिवार को देर शाम बधार से लौट रहा था।गांव के बगल में देवेन्द्र यादव पहले से ही घात लगाकर छिपा था। जैसे ही उमेश यादव उसके पास पंहुचा एकाएक उसपर देवेंद्र यादव द्वारा ताबड़तोड़ लाठी चलाया गया जिससे वह बुरी तरह घायल होकर गिर गया। बाबजूद इसके उसे घंसीट कर कुएं में डालने के लिए ले जाने की कोशिश की जा रही थी इस बीच ग्रामीणों की नजर पड़ी तो शोर गुल के बाद पुरे गांव के लोग उग्र हो गए तथा लोगों ने देवेंद्र यादव को इसके किये का सजा देने का मन बना लिया। स्थिति देख देवेन्द्र यादव अपने घर में बंद हो गया लेकिन ग्रामीणों ने उसके घर को घेर घर में घुसने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि इस बीच पुलिस की टीम घटनास्थल पर पंहुच पहले घायल उमेश यादव को ईलाज के लिए अस्पताल भेजवाया गया तथा विधि व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश की जाने लगी।
ग्रामीणों ने बताया कि नब्बे दिन बाद देवेंद्र यादव जेल से बाहर आया था।पूर्व में भी इसी तरह एक और ग्रामीण अशोक यादव को मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया था। तथा हमेशा ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा करता था यह तो अभी ट्रेलर है फ़िल्म अभी बाकी है।











