संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया (बलिया)। माझी–गाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर बैरिया तहसील अंतर्गत इब्राहिमाबाद ऊपरवार में उत्पन्न विवाद का कारण भूमि मुआवजा भुगतान में हुई देरी बताया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते कुछ किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। प्रभावित किसानों में विनय सिंह, बिनोद सिंह, मनोज सिंह (पुत्रगण दीनानाथ सिंह), विजय सिंह (पुत्र रामप्रीत सिंह) तथा गणेश प्रसाद सिंह (पुत्र बबन सिंह), निवासी कर्ण छपरा शामिल हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अपनी भूमि की रजिस्ट्री सरकार के पक्ष में कर दी थी, लेकिन तहसील प्रशासन की लापरवाही और तकनीकी अड़चनों के कारण अब तक भुगतान नहीं हुआ। किसानों ने मांग की है कि लंबित मुआवजा शीघ्र दिलाया जाए, जिससे उन्हें उनका वैधानिक अधिकार मिल सके और परियोजना कार्य में अनावश्यक बाधा न उत्पन्न हो। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। प्रोजेक्ट मैनेजर संजय तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट बलिया आशा राम वर्मा, नायब तहसीलदार दीपक सिंह, सीओ बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी, एसएचओ बैरिया विपिन सिंह तथा तहसीलदार बैरिया धर्मेंद्र कुमार ने स्थल का निरीक्षण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रारंभ में लगभग 700 मीटर क्षेत्र को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी, जिसमें इब्राहिमाबाद ऊपरवार की करीब 400 मीटर भूमि का मुआवजा भुगतान अभी शेष है। अधिकारियों ने बताया कि यह विवाद केवल तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से उत्पन्न हुआ है। प्रशासन का कहना है कि शेष मुआवजा भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ली जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिले और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना का कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।











