November 2, 2026 10:30 pm

बलिया समाचार :प्रभावती देवी सीएचसी में डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचे। चिकित्सक, सवाल करने पर नाराज होकर चले गए डॉक्टर।

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संवाददाता अजीत कुमार सिंह

बैरिया (बलिया)। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव जयप्रकाश नगर में स्थित प्रभावती देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। शनिवार को अस्पताल तो समय पर खुल गया, लेकिन सुबह 11 बजे तक न तो चिकित्सक डॉ. पवन सिंह पहुंचे और न ही शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पीर प्रताप सिंह। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मजबूरीवश मरीजों को फार्मासिस्ट से ही परामर्श लेना पड़ा। डॉक्टरों के न पहुंचने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हुई। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों में रिशव (3) बाबू का डेरा, चंदन (21) बाबू का डेरा, किया देवी (60) नवका टोला, माया देवी (30), काजल (9), प्रतीक (5), मंजू (25) सुफल टोला, मीणा (50) भवन टोला, धर्मवीर यादव (18) लच्छू टोला और नंदिनी (13) बैजू टोला शामिल रहीं। अस्पताल परिसर में मरीजों के साथ आए परिजन और अटेंडेंट मिलाकर दो दर्जन से अधिक लोग घंटों डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे डॉ. पवन सिंह से जब मरीजों ने देर से आने का कारण पूछा तो वे नाराज हो गए और यह कहते हुए अस्पताल से बाहर चले गए कि, “आपको जो करना है कर लीजिए, मैं इसी गांव में एक प्रभावशाली व्यक्ति के घर पर रहता हूं। मैं अभी छुट्टी पर हूं।” डॉक्टर के इस व्यवहार के बाद अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. पवन सिंह का समय से अस्पताल न पहुंचना अब नियमित आदत बन चुकी है। वहीं ओटी टेक्नीशियन पंकज पाठक भी 11 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अस्पताल में सफाई कर्मी का कोई स्थायी पद नहीं है, जिससे गंदगी की समस्या बनी रहती है। गौरतलब है कि विभाग द्वारा इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 शैय्या अस्पताल का दर्जा दिया गया है, लेकिन चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही के कारण मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामले को लेकर जब जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव बर्मन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में डॉक्टर से बातचीत की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि “ठंड का मौसम है, संभव है थोड़ी देरी हो गई हो।” ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार चिकित्सकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से जुड़े इस अस्पताल में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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