तहसील संवाददाता अजीत कुमार सिंह*
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!*बैरिया बलिया।* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बुधवार को डॉक्टरों की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। रोस्टर में सात डॉक्टर दर्ज थे, लेकिन अस्पताल में केवल चार–पाँच डॉक्टर ही मौजूद मिले, जिससे ओपीडी सेवाएँ बाधित रहीं।
*मरीजों के आरोप*
आशीष कुमार, नितेश कुमार, रिंकू देवी, संध्या देवी, सदन प्रसाद और कलावती देवी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अस्पताल की दवाओं के साथ-साथ बाहर की महंगी दवाएँ भी लिखते हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में दो प्रकार के पर्चे बनाए जा रहे हैं एक छोटा पर्चा बाहर की दवा के लिए और ₹1 वाला सरकारी पर्चा, जिस पर सरकारी दवा दर्ज होती है।
*स्ट्रेचर का गलत उपयोग*
अस्पताल की अव्यवस्था का हाल यह है कि मरीजों को ले जाने–लाने वाला स्ट्रेचर दवा स्टोर तक सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे मरीजों में नाराज़गी और बढ़ गई है।
*लंबा इंतज़ार, अधिक भीड़*
अरुण वर्मा ने बताया कि मरीजों को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लंबी लाइन में इंतज़ार करना पड़ता है। कई डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिसके कारण ओपीडी में भारी भीड़ हो जाती है।
*कई डॉक्टर छुट्टी पर, एक ट्रेनिंग में*
बुधवार को कई डॉक्टर छुट्टी पर रहे, कुछ अनुपस्थित पाए गए और एक डॉक्टर ट्रेनिंग में था। इस वजह से अस्पताल में चिकित्सा सेवाएँ और अधिक प्रभावित रहीं।
*प्रभारी का बयान*
100 बेड हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अस्पताल 70+30 बेड व्यवस्था के तहत संचालित है। उनके अनुसार डॉ. काज़िम अहमद कोर्ट एविडेंस में थे, कुछ डॉक्टर सीएमओ कार्यालय के अधीन कार्यरत होने के कारण नियमित ओपीडी में उपलब्ध नहीं रहते। शिकायत के बाद डॉ. जया पाठक का दो माह का वेतन रोका गया है, जिससे वे सप्ताह में दो दिन ही ओपीडी कर रही हैं। प्रभारी स्वयं बुधवार को सीएल पर थे।
*सीएचसी प्रभारी से संपर्क नहीं हो सका*
सोनबरसा सीएचसी अधीक्षक डॉ.राजेश सरोज से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क स्थापित नहीं हो सका।











