November 2, 2026 10:25 pm

हरियाणा समाचार: रेवाड़ी में डीजे बैन; नए नियम लागू; बिना अनुमति बजाया तो होगी सजा

रेवाड़ी, 6 दिसंबर ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी

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विवाह शादियों में अथवा अन्य खुशी के अवसर पर डीजे अथवा लाउडस्पीकर की ऊंची आवाज लोगो की परेशानी का कारण बनती है। जिला में कुछ सामुदायिक केन्द्र व मैरिज पैलेस आवासीय कॉलोनियों में स्थित है, जहां अक्सर शादी अथवा किसी अन्य समारोह के दौरान करकश आतिशबाजी, ऊंची ध्वनि में डीजे व लाउडस्पीकर के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। एक तरफ जहां विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं बीमार व हर आयु वर्ग के लोगों को किसी न किसी तरह से परेशानी होती है।आमजन को ध्वनि प्रदूषण से होने वाली परेशानियों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने जिला के सभी थाना प्रबंधकों व चौकी प्रभारियों को नियमों की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने बिना अनुमति के ऊंची आवाज में डीजे बजाने के कारण ऊंची ध्वनि से होने वाली परेशानियों से आमजन को तुरन्त राहत दिलाने तथा ऊंची आवाज में डीजे व लाउडस्पीकर चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्राय देखने में आया है कि अक्सर लोग एक दुसरे की देखा देखी में वाहनों पर बङे-बङे स्पीकर/डीजे लगाकर सड़कों पर ऊंची आवाज मे बजाते है भविष्य में अगर ऐसा करता पाया जाता है तो नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।एसपी ने कहा कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर व डीजे बजाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। यदि रात 10 बजे के बाद कोई डीजे या लाउडस्पीकर बजाता है तो कोई भी आमजन पुलिस को सूचना दे सकता है। जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्परता से मौका पर पहुंचकर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति रात 10 बजे से पहले तथा सुबह 6 बजे के बाद डीजे अथवा लाउडस्पीकर चलाना चाहता है तो इसके लिए उसे प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि अनुमति लेकर भी डीजे या लाउडस्पीकर नियम अनुसार निर्धारित की गई आवाज तक ही बजाया जा सकता है, जिससे ध्वनि प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न हो। सभी डीजे संचालक अपने डीजे वाहन पर एक पट्टिका/प्लेट लगाएंगे, जिस पर एसपी की तरफ से जारी की गई हिदायतें लिखी होंगी।एसपी ने कहा कि निर्धारित नियमों कि पालना न करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि आमजन शादी समारोह व अन्य खुशी के माहौल मे ऐसा कोई कार्य ना करें जिससे किसी दुसरे को परेशानी उठानी पडे। उन्होने कहा कि ध्वनि प्रदूषण मनुष्य ही नहीं अपितु पशु पक्षियों के जीवन पर भी बहुत विपरीत असर डालता है।

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