मनोज कुमार(जहानाबाद)
जहानाबाद जिले के नदौल रेलवे स्टेशन के पास सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। यहां रेलवे ट्रैक के किनारे चल रहे 19 वर्षीय युवक आशीष कुमार की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और देखते ही देखते पूरा माहौल मातम में बदल गया।
मिली जानकारी के अनुसार, आशीष नदौल स्टेशन पर किसी कारणवश उतर गया था और इसके बाद पैदल ही अपने गांव सेवनन की ओर चलने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि आशीष प्रतिदिन की तरह आज भी सुबह मसौढ़ी जाने के लिए घर से निकला था,
इसी दौरान जब वह रेलवे ट्रैक के किनारे अपनी धुन में चलता जा रहा था, तभी पीछे से पटना से गया की ओर जाने वाली एक तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। आशीष को ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं हो पाया और पलभर में वह ट्रेन की चपेट में आ गया। तेज रफ्तार ट्रेन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। यह दृश्य देखने वाले ग्रामीणों के होश उड़ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की पहचान होते ही गांव में कोहराम मच गया। मृतक आशीष, भाजपा नेता निरंजन कुमार बबलू का छोटा बेटा था, जिससे यह खबर और भी ज्यादा दुखद और संवेदनशील हो गई। परिवार के लोग घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और बेटे की हालत देखकर दहाड़ें मारकर रो पड़े। घर और पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसर गया है। युवक की मौत से ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं।
सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों की पड़ताल में जुटी है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह साफ लग रहा है कि आशीष ट्रैक के बेहद करीब चल रहा था और पीछे से आती ट्रेन की आवाज उसे सुनाई नहीं दी।
इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में हर ओर सिर्फ एक ही चर्चा है — एक होनहार युवक की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई, पीछे सिर्फ मातम और सवालों का पहाड़ छोड़कर।











