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रेवाड़ी, 29 सितंबर चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
धारूहेड़ा शहर के लाल मनीराम बाग में आयोजित हो रही रामलीला में बीती रात सीता हरण का मंचन किया गया। श्री राम रामलीला क्लब द्वारा आयोजित की जा रही रामलीला में सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
पंचवटी में राम और लक्ष्मण को देखकर शूर्पनखा दोनों पर मोहित हो जाती है और उनसे विवाह करने के लिए आग्रह करती है। लेकिन राम और लक्ष्मण दोनों शूर्पणखा के प्रस्ताव का स्वीकार कर देते हैं। इसके बाद शूर्पनखा अपने असली स्वरूप में आती है और माता सीता पर झपटने का प्रयास करती है। तभी लक्ष्मण शूर्पनखा के नाक और कान काट देते है। शूर्पनखा अपने भाई खर और दूषण के पास जाकर उनसे बदला लेने के लिए कहती हैं। खर – दूषण और राम में भयंकर युद्ध होता हैं जिसमे खर दूषण मारे जाते हैं। शूर्पनखा ये समाचार बताने रावण के पास जाती हैं। रावण बदला लेने का निश्चय करता हैं और सीता हरण के लिए मामा मारीच से जाकर मिलता हैं तथा उसे माया मृग बन जाने का आग्रह करता हैं। मारीच सोने का हिरण बनकर सीता के सामने जाता हैं तो सीता राम से उसे लाने का आग्रह करती हैं। राम सोने के मृग के पीछे चले जाते हैं। पीछे से रावण साधू का वेश बनाकर आता हैं और भिक्षा के बहाने सीता का हरण कर लेता हैं। लंका लें जाते समय रावण और गिद्धराज जटायु का भयंकर युद्ध होता हैं और जटायु घायल हो जाता हैं। इधर सीता को पंचवटी में न पाकर राम व्याकुल हो जाते हैं और विरह वेदना से त्रस्त हो जाते हैं। सभी कलाकारों द्वारा बहुत ही मार्मिक मंचन प्रस्तुत किया गया। राम की भूमिका में डॉ. अश्विनी जोशी, लक्ष्मण मोंटी रंगा, सीता तरुण शौर्या, रावण राहुल सैनी, मारीच सुनील यादव, मन्त्री राहुल जोशी, सुंदरी अरुण सैन, शूर्पनखा प्रकाश प्रजापत, जटायु लीला धर सैन, खर सुभाष अग्रवाल, दूषण राज कुमार शर्मा, स्वर्ण मृग पंकू सहित सभी कलाकारों ने अपनी भूमिका बड़ी सुंदर ढंग से निभाई।











