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रेवाड़ी, 15 अगस्त जिला रिपोर्टर दीपक तिवारी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने शहर के मोती चौक पर ध्वजारोहण किया। इस दौरान कांग्रेस के नवनियुक्त ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष छावडी, शहरी अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, महिला जिला अध्यक्ष सीमा धमीजा, पार्षद लोकेश यादव, रंजना भारद्वाज, नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष सरोज भारद्वाज, देवकीनंदन, भीमसेन मखीजा, हरीश सैनी, एडवोकेट जिमी सचदेवा, राजकुमार गेरा, मुकेश ठाकुर, दिलीप ठेकेदार डॉ विपिन शर्मा, पूर्व पार्षद कमल शर्मा, मास्टर प्रेम शर्मा, प्रकाश रावत, ललित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। हमें महान राष्ट्रीय नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को कभी नही भूलना चाहिए, जिन्होंने विदेशी नियंत्रण से भारत को आज़ाद कराने के लिए अनेक बलिदान दिए और अपने जीवन न्यौछावर कर दिए।
राव ने कहा कि सत्य, अहिंसा और असहयोग लेकर महात्मा गाँधी और ग़ुलामी की जंज़ीरों को तोडऩे के लिए लौह पुरुष सरदार पटेल जैसे महापुरुषों ने कमर कस ली। 90 वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता का वरदान मिला। भारत की आज़ादी का संग्राम बल से नहीं वरन सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के आधार पर विजित किया गया। इतिहास में स्वतंत्रता के संघर्ष का एक अनोखा और अनूठा अभियान था जिसे विश्व भर में प्रशंसा मिली।
चिरंजीव राव ने गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत का नेतृत्व कमजोर है और इच्छाशक्ति की कमी है। पाकिस्तान और चीन आज हमारे सैनिकों की बेरहमी से हत्या कर रहा है और हमारी सेनाओं के हाथ दिल्ली दरबार ने बांध रखे हैं। पहलगाम के बाद हुए युद्ध में भी भारत ने अमेरिका के दबाव में सीज फायर कर दिया। भारत वर्ष की सेना किसी भी महान शक्तिशाली देश से लोहा लेने में सक्षम है। दिल्ली दरबार की निर्णय लेने की क्षमता ना होने के कारण हमारी सेनाओं का मनोबल दिनो दिन गिर रहा है। इसलिए भारत में आनेे वाले समय में एक बड़े बदलाव की जरूरत है और भारतवर्ष को ओजस्वी व निर्णय लेने वाले नेता की जरूरत है।
राव ने कहा कि मौजूदा सरकार देश की चिंता न करके अपनी जेब भरने में लगी हुई है। अंग्रेजों की तरह देश को बांटना चाहते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया कि बिहार में जो 65 लाख वोट कटे हैं, उनकी जानकारी चुनाव आयोग को देनी पड़ेगी। उनका नाम क्यों काटा गया। इसकी वजह भी बताई जाए साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उनके पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड को स्वीकार करें। यह राहुल गांधी और पूरे विपक्ष की बहुत बड़ी जीत है। सच कहा है कि सच्चाई को दबाया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता।











