संवाददाता अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि प्रिंस तिवारी का जन्म एक साधारण लेकिन संस्कारी परिवार में हुआ। उनका पालन-पोषण एक ऐसे वातावरण में हुआ जहाँ शिक्षा को सर्वोपरि माना जाता था। उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और कठिन परिश्रम की सीख दी। बचपन से ही प्रिंस में सीखने की ललक और आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा थी।प्रिंस तिवारी नें 10 वी की परीक्षा भी 94%अंक से उत्तीर्ण हुए थे। शिक्षा का सफर प्रिंस तिवारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालय से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई के लिए सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल का रुख किया। यहीं पर उन्होंने कॉमर्स स्ट्रीम में दाख़िला लिया और कक्षा 12वीं में 91% अंक प्राप्त कर अपने विद्यालय, माता-पिता और शिक्षकों को गौरवान्वित किया। उनका यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल अंकपत्रों तक सीमित है, बल्कि यह उनके संघर्ष और दृढ़ निश्चय की भी गवाही देता है प्रेरणा और अध्ययन शैली प्रिंस का मानना है कि समय का सही उपयोग, निरंतर अभ्यास और एक सकारात्मक सोच किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है। वे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे, कठिन विषयों को गहराई से समझते थे और हर दिन आत्म-मूल्यांकन करते थे। सोशल मीडिया और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहकर उन्होंने अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना सीखा। भविष्य की दिशा – चार्टर्ड अकाउंटेंसी की ओर जब उनसे उनके सपनों के बारे में पूछा गया, तो प्रिंस ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहता हूँ। मेरा सपना है कि मैं एक ऐसा वित्तीय विशेषज्ञ बनूं जो ईमानदारी और दक्षता के साथ देश के आर्थिक तंत्र को सशक्त बना सके।” चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी होती है – और प्रिंस इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए खुद को पूर्ण रूप से तैयार कर रहे हैं। वे इस कठिन परीक्षा के लिए पूरे समर्पण और जुनून से तैयारी कर रहे हैं व्यक्तित्व और रुचियाँ पढ़ाई के साथ-साथ प्रिंस को पुस्तकें पढ़ने, लेखन, और करंट अफेयर्स में रुचि है। वे समाज और देश से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता रखते हैं और समय मिलने पर दूसरों की मदद करने के लिए भी तत्पर रहते हैं। उनका शांत स्वभाव, विचारशील दृष्टिकोण और आत्मविश्वास उन्हें सबसे अलग बनाता है सम्मान और मान्यता प्रिंस की सफलता पर स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और साथियों ने उन्हें बधाई दी है। कई अध्यापकों ने कहा कि प्रिंस एक अनुकरणीय छात्र हैं,जिनकी मेहनत और समर्पण हर छात्र के लिए प्रेरणा है।प्रिंस तिवारी की यह कहानी यह सिखाती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता। आज वे 91% अंकों के साथ अपनी सफलता की ओर पहला कदम रख चुके हैं और कल वे देश के एक कुशल चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बनाएँगे।











