रिपोर्टर दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रेवाड़ी, 18 अप्रैल
LC 59 फाटक पर बन रहे बूढ़पुर बेरली कोसली पुल का मामला सीएम के पास पहुंच गया है। बेरली रोड पर रहने वाले कंवर सिंह, ओमप्रकाश, आशा, सुभराम, रतिराम, हरेंद्र, पिंकेश समेत दर्जनों नागरिक एचपीपीए स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला से उनके कार्यालय पर मिले। उन्होंने बताया कि 23 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट से विभाग ने समझौते करने के लिए मामला वापस करवा दिया था। अब फिर पैमाईश गलत कर दी। इसलिए ठीक करवाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि गलत पैमाईश से पंद्रह मकान टूटते है। मौके पर सड़क बनी हुई है उसी पर पुल बनता है तो दोनों तरफ बराबर जगह निकलती है। अगर गलत पैमाईश पर पुल बनता है तो 6 फीट से 20 फीट का अंतर आता है जो टेडा भी दिखेगा ओर मकान भी टुंटेगे।
मुख्यमंत्री को लिखे मांग पत्र में कहा है कि बरेली बूढ़पुर रोड का अधिग्रहण 1974 में हुआ था जो कि कागजों में 11 क्रम है और ग्राउंड पर तेरह क्रम है।नापतोल करके ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क बनाई थी। आमजन इसको 50 साल से इस्तेमाल कर रहा है। इसी साइड सीवर लाइन भी डली हुई है तथा पानी की बड़ी लाइन है, जो बूस्टरों को जाती है तथा बिजली की दो बड़ी लाइन है, जिसे विभाग अपनी जगह मान रहा है। उसके बाद साल 2006 में इसका नवीनीकरण हुआ उस समय भी नापतोल हुआ था।
उसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने दोनों तरफ बरसाती नाले भी बनाए वह भी पैमाइश करके ही बनाए गए थे। इस रोड को चार लाइन भी बनाया गया था। उस समय भी इसकी पैमाइश की गई थी। पीडब्ल्यूडी विभाग अब भी अपने द्वारा बनाई गई सड़क को गलत बता रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग बहुत परेशान कर रहा है। इसके लिए हाईकोर्ट में भी यह मामला गया। वहां पर भी पीडब्ल्यूडी विभाग ने एक मौका पैमाईश का ओर देने के लिए कहा। कोर्ट में दोनों की सहमति से केस वापिस लिया गया।
लिटिगेशन एक्ट 1963 के मुताबिक 12 साल जिसका कब्जा है उसको मालिकाना हक का प्रावधान है। इसका मतलब जहां रोड बना है। वहीं पुल बने कोई एतराज नहीं होगा। नागरिकों के 30 साल से ज्यादा पुराने मकान बनाए हो गए है। इसलिए निवेदन है कि इस पर दखल करके सही नापतोल करवाकर जहां जो काबिज है, इस पर ही पुल बनाया जाए।











