November 3, 2026 10:40 pm

जिला आबकारी अधिकारी ने कलेक्टर को गुमराह कर शराब ठेकेदार को दिलवाई राहत*

रिपोर्टर आशीष कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश

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*रीवा समाचार/Ⓜ️/S✍🏻*

जिला आबकारी अधिकारी ने शराब ठेकेदार की नमक अदायगी कर दी, नमक अदायगी करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को काफी मशक्कत करनी पड़ गई। शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक जिला आबकारी अधिकारी की एक ओर जहां गाड़ी दौड़ती रही वहीं दूसरी ओर मोबाइल को राहत नहीं मिली। आखिरकार जिला आबकारी अधिकारी ने कलेक्टर को गुमराह करते हुए शराब ठेकेदार को राहत दिला ही दी। शराब के अवैध परिवहन का मामला पुलिस से छूटकर आबकारी विभाग के विभागीय कार्रवाही के पाले में आ ही गया। जिस पर आने वाले समय में जिला आबकारी अधिकारी के प्रतिवेदन रिपॉट पर कलेक्टर शराब ठेकेदार को जुर्माना करेंगे। कलेक्टर के आदेश पर अवैध रूप से परिवहन की जा रही शराब की खेप को एसडीएम मनगवां एवं तहसीलदार मनगवां ने मनगवां शराब दुकान क्रमांक-2 से पकड़ लिया था। इस दौरान मनगवां सर्किल प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक भी मौके पर जा पहुंचे। जिला आबकारी अधिकारी ने उक्त अवैध शराब की खेप सहित वाहन चालक और फर्म के संचालक को बचाने के लिए न तो पुलिस को सौंपी और न ही आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत खुद ही कार्रवाही की। वाहन में लदे अवैध शराब की जब गिनती करवाई गई तो उसमें 565 पेटी विदेश शराब और बियर मिली। कलेक्टर के आदेश में मौके पर पहुंचे राजस्व अधिकारियों द्वारा शराब को जब्त कर मौके पर स्थल पंचनामा तैयार करते हुए फर्म संचालक के गोदाम पर रखकर उसके ही सुपुर्द कर दी।
मामला पुलिस विभाग से निकल कर आबकारी विभाग के खाते में चला गया, विभागीय सूत्र बताते हैं कि शराब के अवैध परिवहन के मामले में लीपापोती कर जिला आबकारी अधिकारी कलेक्टर से कम से कम जुर्माना करवाये जाने की गुणा गणित कर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि जिला आबकारी अधिकारी ने फर्म के संचालक सहित अवैध शराब को बचाने के लिए पुलिस को गुमराह कर अपने ही पैरों में कुल्हाड़ी मार ली। बताया जाता है कि जब रायपुर कर्चुलियान पुलिस ने शराब से भरे वाहन को पकड़ा तो जिला आबकारी अधिकारी के होश उड़ गये। आनन-फानन सकिल प्रभारी को लेकर रायपुर कर्चुलियान जा पहुंचे जहां पुलिस अवैध शराब से भरे वाहन को रोककर परमिटो का निरीक्षण कर रही थी। उसी दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर की सूचना पर गुढ थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। सूत्र बताते है थाना प्रभारी को देखते ही जिला आबकारी अधिकारी ने अपने को आबकारी उपायुक्त बताते हुए परिचय दिया। आबकारी उपायुक्त सुनते ही गुढ थाना प्रभारी सकते में आते हुए उनकी बातों तो पर आ गये। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि वाहन में में लोड शराब वैध है और वैधानिक तरीके से मनगवां की ओर जा रही है। यह बात सुनकर थाना प्रभारी गुढ ने आबकारी अमले से लिखित में ले लिया। सूत्र बताते है कि जिला आबकारी अधिकारी ने अपनी कलम बचाते हुए सर्किल प्रभारी की कलम से अवैध शराब को वैध होने उल्लेख कर दिया और रायपुर कर्चुलियान पुलिस को चकमा देकर अवैध शराब से भरे वाहन को लेकर निकल गये। लेकिन शराब की खेप जब मनगवां पहुंची तो एसडीएम सहित तहसीलदार ने पकड़ लिया। इसी दौरान आबकारी विभाग से मनगवां सर्किल प्रभारी जा पहुंचे, परमिट का जब निरीक्षण किया तो उस वाहन में शहर के जय स्तंभ चौक और झिरिया शराब दुकान की शराब लोड पाई जो अवैध रूप से शहर से परमिट में दर्शाये गये रूट से बाहर मिली। राजस्व अधिकारियो ने उक्त अवैध शराब को मनगवां सर्किल के आबकारी उप निरीक्षक के साथ मिलकर जब्ती बना ली।

*आबकारी कार्यालय में अधिकारी तस्करों से करते है गुफ्तगू*

– जिला आबकारी कार्यालय तस्करो के बैठने का अड्डा बन चुका है। गांजा और शराब तस्करो के आबकारी कार्यालय में बैठकर जिला आबकारी अधिकारी से गुफ्तगू किये जाने की चर्चा शहर के गलियो में जोरों से है। शोध का विषय यह है कि जिन तस्करो को पुलिस तलास करती है वे आबकारी अधिकारी की पनाह में क्यों रहते हैं? बताते चले कि एक माह पूर्व सजायाफ्ता गांजा तस्कर सत्येंद साकेत उर्फ पिंटू का जिला आबकारी अधिकारी के साथ उठने-बैठने और वाटसअप कालिंग पर बात होने की चर्चा निकल कर सामने आई थी। उक्त चर्चा ठंडी भी नहीं हुई कि नईगढ़ी पुलिस को महीनों से चकमा देकर फरार शराब तस्कर मंगलवार को दोपहर आबकारी कार्यालय में बैठकर जिला आबकारी अधिकारी से दरबार किये जाने की बात सूत्रो से निकल कर बाहर आई। पुलिस यदि आबकारी कार्यालय का बीच-बीच में चक्कर लगाती रहे तो ऐसा नहीं होगा कि जिन तस्करों की पुलिस को तलास है उन में कुछ जिला आबकारी कार्यालय में न मिले।

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