वाराणसी ब्यूरो।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वाराणसी में पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला करने वाले अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह के खिलाफ लंका पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से तीन देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 31 अक्टूबर 2026 को लंका पुलिस ने मुखबिर की सूचना, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना से जुड़े मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा के संपर्क में अमन कुमार मिश्रा का नाम सामने आया। पूछताछ में अमन ने अवैध असलहों और कारतूसों की सप्लाई तथा पैसों के लेन-देन में सहयोग करने की बात बताई।अमन की निशानदेही पर पुलिस ने शिवाजी नगर कॉलोनी, सामनेघाट स्थित किराये के मकान में छापेमारी कर विमल कांत झा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस को अवैध हथियार बनाने का पूरा सामान मिला। बरामदगी में .32 बोर की तीन देसी पिस्टल, 19 अधनिर्मित असलहे एवं बैरल, छह मैगजीन, 143 जिंदा कारतूस और 24 खोखे शामिल हैं। इसके अलावा ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, लोहे के टुकड़े और हथियार निर्माण के अनेक उपकरण बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा पूर्व में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में राज विश्वकर्मा और राजू तिवारी भी पहले गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह अवैध हथियार तैयार कर शहर के विभिन्न इलाकों में उनकी सप्लाई करता था।
गिरफ्तार अमन कुमार मिश्रा और विमल कांत झा के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संपर्कों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी है।










