संवाददाता – धनंजय सिंह, हरचंदपुर/रायबरेली
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रायबरेली – हरचंदपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत *जोहवाशर्की* में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना आस्तिक देव मंदिर इन दिनों नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल से गूंज रहा है।मंदिर परिसर में माता रानी की मूर्तियां स्थापित की गई हैं और लगातार जागरण के माध्यम से मां भगवती की आराधना की जा रही है। नवरात्रि के चलते दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयकारों से गूंज रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सनातन आस्था की पहचान है। सैकड़ों साल पुरानी यह धार्मिक विरासत हमारी ऐतिहासिक धरोहर है।सैकड़ों साल पुराना आस्तिक देव मंदिर, नवरात्रि में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
संवाददाता – धनंजय सिंह, हरचंदपुर/रायबरेली
रायबरेली – हरचंदपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत *जोहवाशर्की* में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना आस्तिक देव मंदिर इन दिनों नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल से गूंज रहा है।मंदिर परिसर में माता रानी की मूर्तियां स्थापित की गई हैं और लगातार जागरण के माध्यम से मां भगवती की आराधना की जा रही है। नवरात्रि के चलते दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयकारों से गूंज रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर केवल पूजा-पाठ का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सनातन आस्था की पहचान है। सैकड़ों साल पुरानी यह धार्मिक विरासत हमारी ऐतिहासिक धरोहर है।ग्रामीणों ने अपील की है कि ऐसे प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास पर जिम्मेदार लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस धरोहर से जुड़ी रहें।
मीणों ने अपील की है कि ऐसे प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास पर जिम्मेदार लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस धरोहर से जुड़ी रहें।











