कभी 12 घंटे का ‘पैग’, कभी 15 घंटे की ‘महफिल’… ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ा तो पूरी रात बिजली भी ‘गायब’!
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ब्यूरो चीफ: सुनील सिंह ठाकुर
ललितपुर। कुआंतला गांव में इन दिनों बिजली विभाग की सप्लाई देखकर ऐसा लगता है जैसे बिजली भी कभी-कभी ‘मूड’ में आती है और फिर बिना बताए गायब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की आंख-मिचौली का खेल लंबे समय से चल रहा है। कभी बिजली आती है तो कुछ देर बाद चली जाती है और कभी ऐसी गायब होती है कि ग्रामीण इंतजार करते-करते घड़ी देखने लगते हैं।
कहीं 12 घंटे तक बिजली का ‘पैग’ नहीं मिलता तो कहीं 15 घंटे तक बिजली की ‘महफिल’ ही नहीं जमती। और अगर बीच में कोई फॉल्ट या फ्यूज की समस्या आ जाए तो फिर समझिए बिजली ने जैसे गांव से ‘रूठने की कसम’ ही खा ली हो।
रविवार को ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ा, बिजली भी हुई ‘लापता’
रविवार शाम कुआंतला गांव में ट्रांसफार्मर में फ्यूज की समस्या आ गई। इसके बाद पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीण इंतजार करते रहे कि अब लाइनमैन आएंगे, फ्यूज ठीक होगा और बिजली वापस आएगी।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि शाम से गई बिजली रातभर वापस नहीं आई। गर्मी और उमस ने ग्रामीणों का हाल बेहाल कर दिया। इधर बिजली का इंतजार चलता रहा और उधर पंखे-कूलर बंद पड़े रहे।
ग्रामीणों के मुताबिक अगले दिन दोपहर करीब 12 से 2 बजे के आसपास बिजली की सप्लाई वापस मिल सकी। यानी बिजली ने लगभग पूरी रात और आधा दिन गांव से दूरी बनाए रखी।
लाइनमैन का भी ‘मूड’ अलग!
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर में समस्या होने के बावजूद लाइनमैन के समय पर नहीं पहुंचने से परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर छोटी सी फ्यूज की समस्या को ठीक करने में इतना समय लगेगा तो फिर गांव में बिजली व्यवस्था आखिर किस भरोसे चलेगी?
ग्रामीणों में चर्चा है कि बिजली विभाग की व्यवस्था भी कुछ ऐसी हो गई है—बिजली आए तो खुशी, जाए तो इंतजार और फॉल्ट हो जाए तो फिर भगवान भरोसे!
नेहरू नगर से आती है लाइन, लेकिन राहत रास्ते में ही कहीं ‘अटक’ जाती है!
कुआंतला गांव में बिजली आपूर्ति नेहरू नगर से आने वाली बुड़वार वाली लाइन से होती है। ग्रामीणों का कहना है कि लाइन होने के बावजूद नियमित और पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
कभी घंटों बिजली गायब, कभी फॉल्ट और कभी ट्रांसफार्मर की समस्या। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बिजली विभाग की व्यवस्था कब सुधरेगी?
गर्मी में ग्रामीण बोले—बिजली साहब, थोड़ा होश में तो आइए!
उमस भरी गर्मी में बिजली के लंबे कट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। घरों में पंखे-कूलर बंद होने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान होते हैं। रात में बिजली न होने से नींद तक प्रभावित होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को अब इस ‘आंख-मिचौली’ के खेल पर रोक लगानी चाहिए और कुआंतला गांव की विद्युत व्यवस्था की जांच कराकर बार-बार होने वाली खराबी का स्थायी समाधान करना चाहिए।
फिलहाल कुआंतला में बिजली का हाल कुछ ऐसा है—बिजली कब आएगी, इसका पता नहीं… कब जाएगी, इसका भी पता नहीं… लेकिन जब जाती है तो घंटों तक वापस आने का नाम जरूर नहीं लेती!
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर लाइन, ट्रांसफार्मर और फ्यूज व्यवस्था की जांच कराने तथा शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की है।











