November 2, 2026 10:31 pm

महाराष्ट्र समाचार: नालासोपारा से यूपी तक ड्रग्स के काले कारोबार का बड़ा खुलासा, 21 गिरफ्तार; 70 किलो MD और ₹140 करोड़ का सामान बरामद

महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ योगेश यादव

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मुंबई/नालासोपारा: महाराष्ट्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नालासोपारा से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक फैले कथित ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आए इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के कई शहरों के साथ-साथ गुजरात और उत्तर प्रदेश तक जुड़े पाए गए हैं। पुलिस कार्रवाई में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूरे ऑपरेशन के दौरान करीब 69 किलो 759 ग्राम MD ड्रग्स बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद MD ड्रग्स, इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों, लैब उपकरणों और अन्य सामग्री की अनुमानित कीमत करीब ₹139 से ₹140 करोड़ बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं, ड्रग्स तैयार करने के लिए कच्चा माल कहां से आता था और तैयार माल को किन-किन शहरों में सप्लाई किया जाता था।

112 ग्राम MD के साथ पहली गिरफ्तारी से खुला बड़ा राज

इस पूरे मामले की शुरुआत 24 जून 2026 की रात नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर इलाके से हुई। पुलिस को ड्रग्स की सप्लाई किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर मनवेलपाड़ा रोड स्थित एक वॉशिंग सेंटर के पास कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर और रविकांत ओमप्रकाश राम नाम के दो आरोपियों को कथित तौर पर करीब 112 ग्राम MD के साथ गिरफ्तार किया।

पहली नजर में मामला स्थानीय स्तर पर ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़ा दिखाई दे रहा था, लेकिन आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच में पुलिस को एक बड़े नेटवर्क के बारे में सुराग मिलने लगे। इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया।

मामले में तुलिंज पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।

मोबाइल और तकनीकी जांच से सामने आए कई कनेक्शन

पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी और अन्य जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को नालासोपारा के अलावा मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय लोगों के बारे में जानकारी मिली।

जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क के तार गुजरात और उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क में सिर्फ ड्रग्स बेचने वाले पेडलर ही नहीं बल्कि MD तैयार करने, रसायन और उपकरण उपलब्ध कराने, तैयार माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और आर्थिक लेन-देन संभालने वाले लोग भी कथित तौर पर शामिल थे।

प्रयागराज में खेत के बीच मिला कथित ड्रग्स निर्माण केंद्र

जांच का सबसे महत्वपूर्ण कनेक्शन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया। पुलिस को जानकारी मिली कि शहर से दूर एक खेत के बीच बने शेड में कथित तौर पर MD ड्रग्स तैयार करने का काम किया जा रहा था।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने वहां कार्रवाई की। तलाशी के दौरान कथित ड्रग्स निर्माण से जुड़े रसायन, उपकरण और तैयार MD बरामद होने की बात सामने आई।

पुलिस ने इस कथित अवैध निर्माण केंद्र को नष्ट कर दिया और वहां से मिले सामान को जब्त कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस स्थान पर कब से ड्रग्स तैयार की जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग थे।

करीब 70 किलो MD ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

पूरे ऑपरेशन में पुलिस द्वारा करीब 69 किलो 759 ग्राम MD बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

MD की कीमत के अलावा पुलिस ने ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन, लैब में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹139 करोड़ से ₹140 करोड़ के बीच बताई जा रही है।

पुलिस अब बरामद सामग्री की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क की वास्तविक क्षमता कितनी थी और इसके जरिए कितनी मात्रा में ड्रग्स बाजार तक पहुंचाई जा चुकी है।

तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क

जांच में इस कथित ड्रग्स नेटवर्क के तार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

महाराष्ट्र में नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरुल और जलगांव जैसे स्थानों का नाम जांच में सामने आया है। वहीं गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी पुलिस ने कार्रवाई की।

इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि अलग-अलग राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई और निर्माण की व्यवस्था से जुड़ा हुआ था।

कौन था नेटवर्क का मुख्य संचालक?

21 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल इस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड को लेकर है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार आरोपियों में से किसकी क्या भूमिका थी और नेटवर्क का संचालन किसके निर्देश पर किया जा रहा था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता कर रही है कि ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन कहां से खरीदे जाते थे और उन्हें प्रयागराज तक कैसे पहुंचाया जाता था।

पुलिस आरोपियों के आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच

मामले में पुलिस संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की दिशा में भी जांच कर रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या तैयार MD की सप्लाई केवल देश के अलग-अलग राज्यों तक होती थी या इसके तार किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से भी जुड़े थे।

यदि जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आता है तो मामले की जांच और भी गंभीर रूप ले सकती है।

21 गिरफ्तार, आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां

इस पूरे ऑपरेशन में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

जांच में यदि नए नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

ड्रग्स सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार

पुलिस की इस कार्रवाई को नालासोपारा और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। शुरुआत में 112 ग्राम MD के साथ हुई गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच अब करीब 70 किलो MD की बरामदगी और तीन राज्यों तक फैले नेटवर्क तक पहुंच गई है।

इस कार्रवाई ने यह भी उजागर किया है कि मादक पदार्थों की सप्लाई केवल सड़क स्तर के पेडलरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कथित तौर पर निर्माण, रसायन की व्यवस्था, परिवहन, वितरण और वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला काम कर सकती है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, ड्रग्स की सप्लाई किन शहरों तक की जाती थी और इसके पीछे बैठे मुख्य संचालक कौन हैं।

मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क के पूरे स्वरूप तथा इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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